रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में संपन्न मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। यह जानकारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के आधिकारिक फेसबुक पेज के माध्यम से जारी की गई है।

बैठक में मंत्रिपरिषद द्वारा वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए छत्तीसगढ़ आबकारी नीति के प्रस्ताव का अनुमोदन किया गया। इसके साथ ही आबकारी नीति से संबंधित सभी अनुषांगिक कार्यवाहियों के लिए संबंधित विभाग को अधिकृत करने का निर्णय लिया गया है।

नवा रायपुर में राष्ट्रीय स्तर का शैक्षणिक संस्थान
मंत्रिपरिषद ने नवा रायपुर अटल नगर में उच्च कोटि के शैक्षणिक संस्थान की स्थापना को भी मंजूरी दी है। इसके तहत श्री विले पारले कलावनी मंडल (SVKM) को उनके नरसी मोंजी प्रबंधन अध्ययन संस्थान की स्थापना के लिए सेक्टर-18 में चिन्हांकित लगभग 40 एकड़ भूमि 90 वर्षों की एकमुश्त लीज पर आबंटित करने की स्वीकृति प्रदान की गई है। इस संस्थान की स्थापना से राज्य में आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और प्रबंधन शिक्षा को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

उद्यमिता को बढ़ावा देने चार नए केंद्र
बैठक में नवा रायपुर अटल नगर में चार नवीन उद्यमिता केंद्रों की स्थापना के लिए सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया (STPI) के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) किए जाने का निर्णय लिया गया। वर्तमान में STPI के देशभर में 68 केंद्र संचालित हैं, जिनमें से 60 केंद्र टियर-2 और टियर-3 शहरों में स्थित हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सहयोग से STPI द्वारा एआई, मेडटेक (हर्बल मेडिसिन एवं वन-उत्पाद आधारित), स्मार्ट सिटी और स्मार्ट एग्री जैसे क्षेत्रों में अगले तीन से पांच वर्षों में 133 डोमेन-विशेष स्टार्ट-अप्स को प्रोत्साहित किया जाएगा।

स्वास्थ्य संस्थानों में जांच सुविधाएं होंगी सुदृढ़
मंत्रिपरिषद ने राज्य के सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थानों में गुणवत्तापूर्ण जांच सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से भी महत्वपूर्ण निर्णय लिए। इसके तहत जिला अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्रयोगशालाओं के प्रभावी संचालन, वर्तमान संसाधनों के सुदृढ़ीकरण तथा निर्धारित मानकों के अनुसार जांचों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
मंत्रिपरिषद के इन निर्णयों को राज्य के शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्यमिता और राजस्व व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।