मुंगेली।
धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई है। कलेक्टर कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में जिले की विभिन्न राइस मिलों में छापामार जांच के दौरान कस्टम मिलिंग में गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
राज्य आईसीसीसी से प्राप्त अलर्ट और मुख्य सचिव के निर्देशों के अनुपालन में कलेक्टर कुन्दन कुमार, पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय, अपर कलेक्टर जी.एल. यादव सहित राजस्व, पुलिस एवं खाद्य विभाग की संयुक्त टीम ने जिले की राइस मिलों का निरीक्षण किया। जांच में ओवरलोडिंग, रिसायक्लिंग और कस्टम मिलिंग में गड़बड़ी पाई गई।

जांच के बाद उपलेटा राइस मिल, नवागांव घुठेरा रोड स्थित नेशनल दाल मिल, पंडरिया रोड स्थित वर्धमान मिलिंग इंडस्ट्रीज, जैन राइस इंडस्ट्रीज और नवकार दाल उद्योग में कस्टम मिलिंग में अनियमितता पाए जाने पर 12 हजार क्विंटल से अधिक धान जब्त किया गया।
इसी तरह नवागढ़ रोड स्थित दीपक राइस इंडस्ट्रीज एवं दीपक मिलिंग इंडस्ट्रीज में 198 क्विंटल से अधिक धान की कमी पाई गई, जबकि लोरमी रोड स्थित एसएस फूड में 1761 क्विंटल से अधिक धान की कमी उजागर हुई।

जिला खाद्य अधिकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश एवं मोटर वाहन अधिनियम के तहत 19 राइस मिलों पर कार्रवाई की जा रही है, जिनमें से 14 राइस मिलों को सील कर दिया गया है।
धान खरीदी व्यवस्था की निगरानी के लिए शासन द्वारा आईसीसीसी कमांड सेंटर के माध्यम से परिवहन में लगे वाहनों को जीपीएस से ट्रैक किया जा रहा है। निर्धारित क्षमता से अधिक परिवहन, मार्ग परिवर्तन या लंबे समय तक वाहन रुकने की स्थिति में तत्काल अलर्ट जारी होता है, जिसकी जिला स्तर पर जांच की जाती है।
कलेक्टर कुन्दन कुमार ने कहा कि धान खरीदी में पारदर्शिता जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर गड़बड़ी, बिचौलियों की भूमिका या अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसानों का एक-एक दाना धान शासन द्वारा तय मानकों के अनुसार खरीदा जाएगा और भुगतान समय पर सुनिश्चित किया जाएगा।