मुंगेली। | दिनांक: 06 जनवरी 2026
छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर ने संगठित जुआ माफिया योगेंद्र शर्मा उर्फ लाल महाराज उर्फ भर्रा को बड़ा झटका देते हुए उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। यह याचिका थाना फास्टरपुर, जिला मुंगेली में दर्ज अपराध क्रमांक 66/2025, धारा 6 छत्तीसगढ़ जुआ निषेध अधिनियम 2022 के तहत दायर की गई थी। माननीय न्यायमूर्ति रविंद्र कुमार अग्रवाल की खंडपीठ ने आरोपी के आपराधिक इतिहास और संगठित अपराध में संलिप्तता को गंभीर मानते हुए सख्त रुख अपनाया।

प्रकरण के अनुसार, दिनांक 07 अक्टूबर 2025 को थाना फास्टरपुर पुलिस ने ग्राम विचारपुर में दबिश देकर रवि कुमार आंचल को जुआ खेलते रंगे हाथों पकड़ा था। पूछताछ एवं तकनीकी जांच में यह सामने आया कि आरोपी रवि कुमार वर्ष 2021 से मुख्य सरगना योगेंद्र शर्मा के निर्देश पर संगठित जुआ नेटवर्क संचालित कर रहा था। जुए की राशि का पूरा हिसाब-किताब मोबाइल के माध्यम से साझा किया जाता था तथा लेन-देन UPI (PhonePe) और नकद के जरिए होता था।
जांच में हुए महत्वपूर्ण खुलासे
पुलिस जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
पहला, वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर यह प्रमाणित हुआ कि आरोपी योगेंद्र शर्मा और सह-आरोपियों के SBI एवं ICICI बैंक खातों के बीच ₹7,05,945 से अधिक के संदिग्ध लेन-देन हुए हैं।
दूसरा, आरोपी योगेंद्र शर्मा एक आदतन अपराधी है, जिसके विरुद्ध पूर्व में भी जुआ अधिनियम के तहत कई मामले दर्ज हैं, जिनमें वह दोषी पाया जा चुका है।
तीसरा, आरोपी द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी और डिजिटल भुगतान माध्यमों का उपयोग कर एक सुनियोजित जुआ सिंडिकेट संचालित किया जा रहा था।
पुलिस की सख्त कार्रवाई
आरोपी लंबे समय से फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक मुंगेली श्री भोजराम पटेल (भा.पु.से.) द्वारा ₹1,000 के नकद इनाम की घोषणा की गई है। जिलेभर में आरोपी के पोस्टर चस्पा किए गए हैं। उच्च न्यायालय द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद अब पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पूर्णतः स्वतंत्र हो गई है और दबिश तेज कर दी गई है।
थाना फास्टरपुर प्रभारी द्वारा जारी प्रेस नोट में कहा गया कि “माननीय उच्च न्यायालय का यह निर्णय संगठित अपराध के विरुद्ध पुलिस की लड़ाई को और मजबूती देता है। जुआ माफिया योगेंद्र शर्मा को शीघ्र ही गिरफ्तार कर कानून के कठघरे में खड़ा किया जाएगा। आम जनता से अपील है कि आरोपी से संबंधित कोई भी सूचना मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित करें, सूचना देने वाले की पहचान पूर्णतः गोपनीय रखी जाएगी।”