रायपुर, 15 अक्टूबर 2025।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति, संवेदनशील नीतियों और सुरक्षाबलों के निरंतर प्रयासों से नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार जारी है। सुकमा जिले में आज 50 लाख रुपए के इनामी सहित कुल 27 सक्रिय माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। यह ऐतिहासिक कदम न केवल नक्सल हिंसा के अंत की दिशा में एक बड़ी सफलता है, बल्कि बस्तर अंचल में विश्वास, सुरक्षा और विकास के नए युग की शुरुआत का प्रतीक भी है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि पीएलजीए बटालियन नंबर-01 के हार्डकोर नक्सली सहित विभिन्न स्तरों पर सक्रिय रहे माओवादियों का आत्मसमर्पण राज्य शासन की “नक्सलवादी आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति-2025” और “नियद नेल्ला नार योजना” की सफलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। उन्होंने कहा कि शासन की संवेदनशील नीतियाँ, लगातार स्थापित हो रहे सुरक्षा शिविर, और प्रशासन के प्रति बढ़ते जन-विश्वास से यह परिवर्तन संभव हुआ है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हाल ही में गढ़चिरौली में कुख्यात माओवादी पोलित ब्यूरो सदस्य मल्लोजुला वेणुगोपाल राव उर्फ सोनू समेत 60 नक्सलियों का आत्मसमर्पण भी नक्सलवादी विचारधारा पर एक निर्णायक प्रहार है। उन्होंने कहा कि हमारे शौर्यवान सुरक्षाबल दिन-रात अदम्य साहस और रणनीतिक कौशल के साथ इस लड़ाई को अंजाम दे रहे हैं और सफलता प्राप्त कर रहे हैं।
श्री साय ने कहा कि सरकार ने बंदूक छोड़ने वालों को सम्मानपूर्वक मुख्यधारा में लौटने का अवसर प्रदान किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल नक्सलवाद का अंत नहीं, बल्कि उन क्षेत्रों में स्थायी शांति और विकास स्थापित करना है जहाँ कभी भय और हिंसा का साया था। आज वही इलाके संवाद, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और रोजगार की नई राह पर अग्रसर हैं।
मुख्यमंत्री ने पुलिस बल, डीआरजी, सीआरपीएफ, कोबरा, एसटीएफ सहित सभी सुरक्षा एजेंसियों को इस सफलता के लिए बधाई दी और कहा कि उनके साहस, अनुशासन और समर्पण से ही बस्तर में विश्वास और शांति का वातावरण स्थापित हुआ है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के मार्गदर्शन में भारत ‘नक्सल-मुक्त राष्ट्र’ के लक्ष्य की ओर तेजी से अग्रसर है। छत्तीसगढ़ सरकार इस राष्ट्रीय संकल्प को साकार करने में पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।