मुंगेली, 14 सितंबर 2026। ग्राम साल्हेघोरी की शासकीय उचित मूल्य की दुकान में ताला तोड़कर 5 बोरी चावल चोरी करने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी किए गए 5 बोरी चावल बरामद किए गए हैं।
पुलिस के अनुसार 28 अगस्त 2026 को राशन दुकान के विक्रेता जलेश्वर साहू ने चौकी डिंडौरी में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 27 अगस्त की शाम करीब 6 बजे राशन वितरण के बाद दुकान में ताला लगाकर घर चले गए थे। अगले दिन सुबह करीब 6:40 बजे दुकान का मुख्य दरवाजा टूटा मिला और दुकान से 5 बोरी चावल चोरी होना पाया गया।
चोरी किए गए चावल की शासन द्वारा निर्धारित दर ₹34.31 प्रति किलोग्राम के आधार पर कुल कीमत ₹13,724 बताई गई है। मामले में चौकी डिंडौरी में अपराध क्रमांक 119/2026, धारा 331(4), 305(3), 317(2), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देश पर चोरी गई संपत्ति की बरामदगी और आरोपियों की पतासाजी के लिए साइबर सेल एवं चौकी डिंडौरी पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई।
विवेचना के दौरान पुलिस को बेसिक पुलिसिंग, मुखबिर सूचना एवं तकनीकी आधार पर ग्राम सारधा निवासी रामानंद अहिरवार के घटना में शामिल होने की जानकारी मिली। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पुलिस के अनुसार पूछताछ में रामानंद अहिरवार ने 28 अगस्त की रात अपने साथी राजेश सारथी के साथ मोटरसाइकिल से ग्राम साल्हेघोरी स्थित शासकीय उचित मूल्य की दुकान से 5 बोरी चावल चोरी करना बताया। चोरी किए गए चावल को ग्राम गोंड खाम्ही निवासी अनिल साहू के घर/दुकान में बेचने की जानकारी भी दी गई।
इसके बाद पुलिस ने अनिल साहू से पूछताछ की। उसके कब्जे से चोरी किए गए 5 बोरी चावल बरामद किए गए।
पुलिस ने रामानंद अहिरवार, पिता ननकुराम अहिरवार, उम्र 27 वर्ष, निवासी सारधा, थाना लोरमी तथा अनिल साहू, पिता बालाराम साहू, उम्र 30 वर्ष, निवासी गोंड खाम्ही, थाना लोरमी को गिरफ्तार किया। दोनों को 14 सितंबर 2026 को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
पुलिस के अनुसार मामले में शामिल एक अन्य आरोपी राजेश सारथी वर्तमान में जिला बिलासपुर के जेल में अन्य प्रकरण में निरुद्ध है। उसके विरुद्ध पृथक से वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
कार्रवाई में उप निरीक्षक सत्येंद्रपुरी गोस्वामी, प्रभारी साइबर सेल, उप निरीक्षक मान सिंह, प्रभारी चौकी डिंडौरी सहित पुलिस टीम की अहम भूमिका रही।