बिलासपुर। आदिवासी परिवार के साथ कथित मारपीट और पुलिस कार्रवाई को लेकर अंबेडकरवादी कार्यकर्ता संजीत बर्मन ने अपने फेसबुक वॉल पर पोस्ट कर सवाल उठाए हैं। उन्होंने पोस्ट में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को टैग करते हुए आदिवासी सुरक्षा और पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाया।
संजीत बर्मन ने अपनी पोस्ट में आरोप लगाया कि बिलासपुर जिले के कोनी थाना क्षेत्र में आदिवासी परिवार के साथ कथित रूप से मारपीट की घटना हुई। उनके अनुसार, पीड़ितों के सिर पर चोटें आईं और उन्हें टांके लगाने पड़े।
पोस्ट में दावा किया गया है कि पीड़ित आदिवासी परिवार जब पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचा, तब कथित रूप से मारपीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के बजाय उनके प्रति नरमी बरती गई और बाद में आदिवासी पक्ष के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर दी गई।

बर्मन ने इसे अनुसूचित जनजाति से संबंधित कानूनों के तहत गंभीरता से देखे जाने वाला मामला बताया है। उन्होंने कहा कि पुलिस की विवेचना में यह स्पष्ट होना चाहिए कि घटना में पीड़ित कौन है और कथित रूप से प्रताड़ित करने वाला पक्ष कौन है।
उन्होंने अपनी पोस्ट में यह भी लिखा कि छत्तीसगढ़ में आदिवासी बहुल क्षेत्र होने के बावजूद आदिवासी समुदाय से जुड़ी घटनाओं में प्रशासन और पुलिस की भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं।
पोस्ट के अंत में संजीत बर्मन ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को टैग करते हुए मामले में कार्रवाई की आवश्यकता की ओर ध्यान आकर्षित किया है।
हालांकि, फेसबुक पोस्ट में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में पुलिस या प्रशासन की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।