रायपुर, 21 सितंबर 2026। सामाजिक कार्यकर्ता संजीत बर्मन ने अनुसूचित जाति विकास विभाग के मंत्री गुरू खुशवंत साहेब को पत्र लिखकर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना छत्तीसगढ़ एवं ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण के मुख्य अभियंता के.के. कटारे के जाति प्रमाण पत्र के मामले में एफआईआर दर्ज कराने में सहयोग की मांग की है।

बर्मन ने अपने फेसबुक पोस्ट में दावा किया है कि उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति, संचालनालय आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के 26 अगस्त 2026 के आदेश में के.के. कटारे के अनुसूचित जाति वर्ग के जाति प्रमाण पत्र को निरस्त करने योग्य माना गया है।

पत्र में बर्मन ने के.के. कटारे के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 338, 336(3) तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराओं 3(1)(za)(E) और 3(2)(V) के तहत एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।
उन्होंने पत्र में के.के. कटारे के परिजनों के जाति प्रमाण पत्रों की भी जांच कर नियमानुसार निरस्तीकरण की कार्रवाई करने की मांग की है। इसके साथ ही सेवाकाल में अर्जित तथा आश्रित परिजनों के नाम पर मौजूद चल-अचल संपत्तियों की जांच और राजसात करने की मांग भी रखी है।
बर्मन ने अपने पोस्ट में आरोप लगाया है कि छत्तीसगढ़ में फर्जी जाति प्रमाण पत्र के मामलों में अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति द्वारा एफआईआर की अनुशंसा किए जाने के बाद भी पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई नहीं होती।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में संबंधित व्यक्तियों के परिजनों के जाति प्रमाण पत्रों की जांच नहीं की जाती और कई लोग जांच प्रक्रिया के दौरान सेवानिवृत्त हो जाते हैं।
बर्मन ने मंत्री गुरू खुशवंत साहेब से के.के. कटारे के खिलाफ पुलिस थाना खम्हारडीह, जिला रायपुर में एफआईआर दर्ज कराने में सहयोग करने का आग्रह किया है।
पत्र के साथ उच्च स्तरीय प्रमाणीकरण छानबीन समिति के 26 अगस्त 2026 के आदेश की छायाप्रति संलग्न किए जाने का उल्लेख किया गया है।