मुंगेली, छत्तीसगढ़ (1 दिसंबर 2025) — सतनामी समाज के सबसे बड़े आध्यात्मिक पर्व गुरु ज्ञान प्रकाश पर्व की शुरुआत मुंगेली में अद्वितीय दिव्यता और ऐतिहासिक भव्यता के साथ हुई। परम् पूज्य गुरु बालदास साहेब जी के पावन सान्निध्य तथा चारों गुरुजनों की संयुक्त उपस्थिति में आयोजित प्रदेश स्तरीय भव्य सतनाम शोभायात्रा ने पूरे नगर को सतनाममय कर दिया।

पूजा-अर्चना के साथ पर्व का आरंभ
प्रत्येक वर्ष की परंपरा अनुसार आयोजन की शुरुआत मुंगेली स्थित सतनाम भवन शेतखाम में विधिवत पूजा-अर्चना से की गई। गुरुदेव बालदास साहेब जी ने समाज एवं समस्त मानवता के सुख-समृद्धि की मंगलकामनाएँ करते हुए ज्ञान प्रकाश पर्व का शुभारंभ किया।

इस पावन अवसर पर सतधारी गुरु सोमेश बाबा जी, मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी और गुरु सौरभ साहेब जी की उपस्थिति ने पर्व के आध्यात्मिक वैभव को कई गुना बढ़ा दिया। चारों गुरुजनों का एक साथ उपस्थित होना समाज के लिए सौभाग्य का क्षण माना गया।

रथ और घोड़ों पर निकली दिव्य शोभायात्रा
शोभायात्रा के दौरान गुरु बालदास साहेब जी और सतधारी गुरु सोमेश बाबा जी भव्य रथ पर विराजमान होकर श्रद्धालुओं के अभिवादन स्वीकार कर रहे थे। वहीं मंत्री गुरु खुशवंत साहेब जी और गुरु सौरभ साहेब जी घोड़े पर सवार होकर समाजजनों को आशीष दे रहे थे।

नगर के मुख्य मार्गों पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ पड़ी। डीजे धुमाल, रथ-बग्गी, आतिशबाजी और “साहेब सतनाम” के गगनभेदी जयघोष से पूरा नगर उत्सवमय हो उठा। शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई मंडी प्रांगण पहुँची।
मुख्य कार्यक्रम में चारों गुरुजनों ने दिए आशीर्वचन
मंडी प्रांगण में आयोजित मुख्य समारोह में चारों गुरुजनों ने मंच से समाज को गुरुवाणी के माध्यम से मार्गदर्शन दिया और ज्ञान प्रकाश पर्व की शुभकामनाएँ प्रदान कीं। कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालु एवं संत-समाज आध्यात्मिक उत्साह से अभिभूत रहे।

जनप्रतिनिधियों एवं संत-समाज की बड़ी उपस्थिति
इस विशाल आयोजन में पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं विधायक श्री पुन्नूलाल मोहले, पूर्व सांसद श्री लखन लाल साहू, विभिन्न राजमहंत, जिला महंत, अखिल भारतीय सतनाम सेना के पदाधिकारी, सतनामी समाज के वरिष्ठजन एवं बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी मौजूद रहे।
आयोजन समिति को गुरुजनों ने दी बधाई
कार्यक्रम को सफल बनाने में लगे —
अखिल भारतीय सतनाम सेना, सतनामी समाज के पदाधिकारीगण, युवा साथियों, मातृशक्ति और हजारों श्रद्धालुओं को गुरुजनों ने हृदय से आशीर्वाद एवं साधुवाद दिया।