बलरामपुर, 05 सितंबर 2025। शासकीय प्राथमिक शाला बछेरा में भारत के पूर्व राष्ट्रपति और महान दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर शिक्षक दिवस कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. राधाकृष्णन के छायाचित्र पर गुलाल से तिलक, पुष्प अर्पण और अगरबत्ती से पूजन कर की गई। सहायक शिक्षक लक्ष्मी कांत जड़ेजा ने उनकी जीवनी पर प्रकाश डालते हुए बताया कि डॉ. राधाकृष्णन ने शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया और भारतीय व पश्चिमी दर्शन को जोड़ने का कार्य किया। वे 1952 में भारत के प्रथम उपराष्ट्रपति और 1962 में राष्ट्रपति बने। उनके सम्मान में ही 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है।
इस अवसर पर विद्यालय में एक विशेष गतिविधि आयोजित की गई, जिसमें वर्षभर सबसे अधिक दिनों तक विद्यालय आने वाले विद्यार्थियों को एक दिन के लिए “शिक्षक” बनाया गया। उन्हें विद्यालय संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई और शिक्षकीय अनुभव से अवगत कराया गया। छात्र-छात्राओं ने शिक्षक बनकर गौरव का अनुभव किया और शिक्षा के महत्व को समझा।
विद्यालय में विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए पेन और कॉपी का वितरण भी किया गया। इस अवसर पर नियमित रूप से विद्यालय आने वाले छात्र-छात्राओं – सविता, कविता, मीरा, छोटी, विधि, बुद्धेश्वरी, शिवरानी, नमन, लेखराज और दामु को विशेष रूप से पुरस्कृत किया गया।
कार्यक्रम में प्रधान पाठक जागेश्वर साहू, सहायक शिक्षिका विमलेश्वरी यादव सहित सभी छात्र-छात्राओं की सक्रिय भागीदारी रही। सभी ने शिक्षक दिवस की एक-दूसरे को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं।