सुप्रीम कोर्ट, नई दिल्ली ने बुधवार, 11 फरवरी 2026 को छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस जारी करते हुए छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के रिट अपील क्रमांक 661/2025 में 3 फरवरी 2026 को पारित आदेश के प्रभाव व क्रियान्वयन पर अंतरिम स्थगन प्रदान किया है।

यह मामला लगभग 60 शासकीय कर्मचारियों की सामूहिक सेवा-समाप्ति से जुड़ा है, जिन्हें प्रारंभ में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, छत्तीसगढ़ में उप अभियंता (सिविल) पद पर नियुक्त किया गया था। उच्च न्यायालय ने अपने पूर्व निर्णय में कहा था कि संबंधित अभ्यर्थियों के पास भर्ती विज्ञापन के अनुसार आवेदन की अंतिम तिथि तक निर्धारित शैक्षणिक योग्यता उपलब्ध नहीं थी, जिसके आधार पर उनकी सेवाएं समाप्त करने का निर्देश दिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के अनुसार संबंधित कर्मचारियों की सेवा की निरंतरता अब सर्वोच्च न्यायालय में लंबित विशेष अनुमति याचिका (SLP) के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगी।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ताओं व निजी प्रत्यर्थियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहातगी, परमेश्वर के. और गौरव अग्रवाल ने पक्ष रखा। इनके साथ अधिवक्ता हर्षवर्धन परगनिहा, चंद्रशेखर ए. चकलाब्बी तथा सुधांशु प्रकाश भी उपस्थित रहे।
मामले में अंतिम निर्णय सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई पर निर्भर करेगा।