मुंगेली, 20 सितम्बर 2025।
आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत “आदि सेवा पर्व” के अवसर पर ग्राम पचोटिया में सिकल सेल उन्मूलन शिविर आयोजित किया गया। कलेक्टर कुन्दन कुमार और जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय के निर्देश तथा आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त महेंद्र खांडेकर के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा निःशुल्क जांच, परामर्श और उपचार संबंधी जानकारी दी गई।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शीला साहा ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अंचल में सिकल सेल रोग के प्रति जागरूकता बढ़ाना और समय पर जांच एवं उपचार उपलब्ध कराना है। शिविर में 166 लोगों की जांच की गई, जिनमें दो सिकल सेल पॉजिटिव मरीज और सात मोतियाबिंद मरीज मिले। सभी को जिला अस्पताल रेफर किया गया। एक बच्चा डाउन सिंड्रोम का पाया गया, जिसे स्पीच थेरेपी के लिए भेजा गया।
डॉ. मनीष बंजारा ने बताया कि सिकल सेल एक आनुवांशिक रक्त विकार है, जिसमें लाल रक्त कोशिकाएं हंसिया के आकार की बन जाती हैं, जिससे ऑक्सीजन की आपूर्ति प्रभावित होती है। इसके लक्षणों में हड्डियों व जोड़ों का दर्द, थकान, आंखों का पीला पड़ना, हाथ-पैरों में सूजन, बार-बार संक्रमण और बच्चों में विकास की कमी शामिल है। गर्भावस्था से पूर्व जेनेटिक काउंसलिंग, नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित आहार, पानी का सेवन और साफ-सफाई जैसी सावधानियां इस रोग के लक्षणों को नियंत्रित करने में मददगार हैं।
गौरतलब है कि भारत सरकार ने 2023 में राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन शुरू किया है, जिसका लक्ष्य वर्ष 2047 तक इस बीमारी को समाप्त करना है। इसी के तहत पचोटिया में यह शिविर आयोजित किया गया।
