4 मार्च 2026| भारतीय शेयर बाजार में आज लगातार चौथे दिन भारी गिरावट (ब्लडबाथ) देखने को मिली। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल (Crude Oil) की आसमान छूती कीमतों ने आज दलाल स्ट्रीट पर निवेशकों को घुटनों पर ला दिया। बाजार में चौतरफा बिकवाली का दबाव रहा, जिससे निवेशकों की भारी संपत्ति का नुकसान हुआ है।
आइए, आज के कारोबारी सत्र का पूरा विश्लेषण आंकड़ों और तथ्यों के साथ देखते हैं:
बाजार के मुख्य आंकड़े
- बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex): 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,122.66 अंक (1.40%) का गोता लगाकर 79,116.19 के स्तर पर बंद हुआ। दिन के कारोबार में यह एक समय करीब 1,800 अंक टूटकर 78,443 के निचले स्तर तक लुढ़क गया था, हालांकि आखिरी घंटों में इसने थोड़ी रिकवरी दिखाई।
- एनएसई निफ्टी (NSE Nifty 50): 50 शेयरों वाला निफ्टी 385.20 अंक (1.55%) टूटकर 24,480.50 पर आ गया। यह निफ्टी का पिछले छह महीनों का सबसे निचला क्लोजिंग स्तर है। दिन के दौरान निफ्टी ने 24,305 का गोता लगाया था।
- व्यापक बाजार (Broader Markets): बिकवाली सिर्फ लार्ज-कैप तक सीमित नहीं रही; मिडकैप इंडेक्स लगभग 2.10% और स्मॉलकैप इंडेक्स 2.42% गिरकर बंद हुए।

बाजार धड़ाम होने के 4 मुख्य कारण
- पश्चिम एशिया में युद्ध का तनाव: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के बंद होने की आशंकाओं ने ग्लोबल रिस्क सेंटीमेंट को बिगाड़ दिया है। विदेशी बाजारों की घबराहट सीधे भारतीय बाजार पर दिखी।
- कच्चे तेल में उबाल: ग्लोबल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड ऑयल (Brent Crude) 3% से ज्यादा उछलकर $83 प्रति बैरल के पार पहुंच गया। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए महंगा क्रूड घरेलू महंगाई और व्यापार घाटे (CAD) के लिए एक बड़ा खतरा है।
- रुपये का ऐतिहासिक निचला स्तर: अमेरिकी डॉलर की मजबूती और महंगे तेल के दबाव में भारतीय रुपया आज अपने ऑल-टाइम लो 92.35 प्रति डॉलर तक गिर गया।
- विदेशी निवेशकों (FIIs) की निकासी: विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) द्वारा लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाला जा रहा है, जिससे बाजार में लिक्विडिटी का संकट और अस्थिरता बढ़ी है।
सेक्टर और शेयरों का हाल (Sectoral & Stock Highlights)
- टॉप लूजर्स (सबसे ज्यादा गिरने वाले): आज मेटल सेक्टर में सबसे ज्यादा हाहाकार मचा (इंडेक्स लगभग 4% डाउन)। इसके अलावा पीएसयू बैंक और रियल्टी सेक्टर भी 3% से ज्यादा गिरे। शेयरों की बात करें तो टाटा स्टील (6.76% नीचे), लार्सन एंड टुब्रो (4.53% नीचे), बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट और एनटीपीसी सबसे ज्यादा पिटने वाले शेयरों में शामिल रहे।
- टॉप गेनर्स (गिरते बाजार के सहारे): इस भारी गिरावट के बीच केवल आईटी (IT) सेक्टर ही हरियाली में टिकने में कामयाब रहा। भारती एयरटेल, इंफोसिस और टेक महिंद्रा जैसे शेयरों ने निवेशकों को कुछ राहत दी और बाजार को और अधिक गिरने से बचाया।
कुल मिलाकर, आज का दिन भारतीय बाजार के लिए बेहद अस्थिर और चुनौतीपूर्ण रहा। ग्लोबल ट्रिगर्स (विशेषकर युद्ध और तेल) के शांत होने तक बाजार में ‘रिस्क-ऑफ’ (जोखिम से बचने) का माहौल बने रहने की आशंका है।