मुंबई, 12 मार्च 2026।
देश के शेयर बाजार में गुरुवार को भारी उतार-चढ़ाव और बिकवाली का दौर देखने को मिला। दिनभर के कारोबार के बाद BSE Sensex और Nifty 50 दोनों प्रमुख सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। बाजार में हुई इस गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में बड़े पैमाने पर कमी आई और कई सेक्टरों के शेयरों में तेज गिरावट दर्ज की गई।
दिन के अंत में सेंसेक्स लगभग 830 अंकों की गिरावट के साथ करीब 76,034 अंक के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी करीब 227 अंक गिरकर 23,639 अंक के आसपास बंद हुआ। बाजार में लगातार दूसरे दिन आई गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
वैश्विक कारणों से बाजार पर दबाव
विशेषज्ञों के अनुसार शेयर बाजार में आई गिरावट के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार रहे। मध्य-पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से निवेशकों की धारणा कमजोर हुई है। कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंचने से भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
भारत दुनिया के बड़े कच्चे तेल आयातकों में से एक है, इसलिए तेल की कीमतों में तेजी का सीधा असर बाजार और कंपनियों की लागत पर पड़ता है। इसी कारण निवेशकों ने कई शेयरों में मुनाफावसूली शुरू कर दी।

विदेशी निवेशकों की बिकवाली से बढ़ी गिरावट
बाजार विश्लेषकों का कहना है कि हाल के दिनों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लगातार बिकवाली ने भी बाजार पर दबाव बनाया है। विदेशी निवेशकों द्वारा बड़ी मात्रा में शेयर बेचने से बाजार में तरलता कम हुई और सूचकांक नीचे खिसक गए।
इसके अलावा रुपया भी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ, जिससे विदेशी निवेशकों का भरोसा कुछ कमजोर पड़ा और बाजार में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति बढ़ी।
कई सेक्टरों में भारी गिरावट
गुरुवार के कारोबार में अधिकांश सेक्टर लाल निशान में रहे।
सबसे ज्यादा दबाव इन सेक्टरों में देखा गया:
- ऑटो सेक्टर में तेज गिरावट
- बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों के शेयर कमजोर
- रियल्टी और कंज्यूमर ड्यूरेबल सेक्टर में बिकवाली
- मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी गिरावट
हालांकि ऊर्जा और पावर सेक्टर के कुछ शेयरों में तेजी देखने को मिली।
इन कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट
बाजार की गिरावट में कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में कमजोरी देखी गई, जिनमें प्रमुख रूप से –
- Infosys
- Larsen & Toubro
- InterGlobe Aviation
- Tata Motors
जैसी कंपनियों के शेयरों में गिरावट ने सूचकांकों पर दबाव बढ़ाया।
वहीं दूसरी ओर Coal India, NTPC और Power Grid Corporation of India जैसे ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों में कुछ तेजी देखने को मिली।
निवेशकों की संपत्ति में भारी कमी
बाजार में व्यापक बिकवाली के कारण मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी 1–2 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई। इससे कुल मिलाकर निवेशकों की संपत्ति में बड़े पैमाने पर कमी आई और बाजार पूंजीकरण में हजारों करोड़ रुपये की गिरावट देखी गई। (
निवेशकों के लिए विशेषज्ञों की सलाह
बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान समय में बाजार वैश्विक घटनाओं के प्रति बेहद संवेदनशील बना हुआ है। ऐसे में निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने के बजाय सावधानी के साथ निवेश करना चाहिए।
वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और बाजार में बढ़ती अस्थिरता के कारण गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक वैश्विक हालात सामान्य नहीं होते, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।