रामानुजगंज, 02 जनवरी 2026।
जिला बलरामपुर-रामानुजगंज के थाना रामानुजगंज पुलिस ने दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पीड़िता की शिकायत पर अपराध क्रमांक 04/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 64 एवं 64(2)(m) में प्रकरण दर्ज कर विवेचना की गई। जांच के दौरान आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाए जाने पर पुलिस ने आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचाया।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी का नाम उमेश सिंह पिता भागी सिंह, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम गम्हरिया, चौकी विजयनगर, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज (छत्तीसगढ़) है। पीड़िता द्वारा दिनांक 02 जनवरी 2026 को थाना रामानुजगंज में उपस्थित होकर प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।

मामले का संक्षिप्त विवरण
पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया कि आरोपी जान-पहचान का युवक है, जिसने शादी का झांसा देकर दिनांक 27 अक्टूबर 2025 की रात उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद आरोपी अलग-अलग अवसरों पर पीड़िता से संपर्क कर संबंध बनाता रहा। पीड़िता के अनुसार, दिनांक 01 जनवरी 2026 को आरोपी ने बस स्टैंड रामानुजगंज के पास जबरन उससे बात करने का प्रयास किया। इसी दौरान पीड़िता का पति मौके पर पहुंच गया, जिसे देखकर आरोपी वहां से फरार हो गया।
घटना के बाद पीड़िता द्वारा पुलिस में शिकायत दर्ज कराए जाने पर थाना रामानुजगंज में प्रकरण पंजीबद्ध कर विधिवत विवेचना प्रारंभ की गई। जांच के दौरान पीड़िता के कथन, परिस्थितिजन्य साक्ष्य एवं अन्य उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध अपराध सिद्ध होने के पर्याप्त साक्ष्य पाए गए।
आरोपी न्यायिक रिमांड पर
विवेचना पूर्ण होने के बाद पुलिस ने आरोपी उमेश सिंह को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस ने बताया कि प्रकरण की विवेचना विधि अनुसार आगे भी जारी रहेगी।
पुलिस टीम की भूमिका
इस सफल कार्रवाई में थाना रामानुजगंज के उप निरीक्षक निर्मल राजवाड़े, उप निरीक्षक बृजमोहन गुप्ता, महिला प्रधान आरक्षक आर. मनीषा तिग्गा तथा महिला आरक्षक जगरानी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं से संबंधित अपराधों के मामलों में सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की आपराधिक घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।