बलरामपुर // जिले में पशुधन विकास विभाग द्वारा विकासखंड रामचंद्रपुर के ग्राम भंवरमाल में पशु औषधालय का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी, बड़ी संख्या में ग्रामीण और पशुपालक उपस्थित रहे।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने कहा कि औषधालय खुलने से अब पशुपालकों को दवा और इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। गांव में ही पशु चिकित्सक उपलब्ध होने से समय और धन दोनों की बचत होगी। इस औषधालय से भंवरमाल सहित केरवाशिला, नगरा, धनपुरी, ताम्बेश्वरनगर, चंदनपुर, आरागाही, चन्द्रनगर और बुलगांव के पशुपालकों को लाभ मिलेगा।

उप संचालक पशुपालन विभाग शिशिर कान्त पांडेय ने बताया कि आने वाले समय में और अधिक केंद्र खोले जाएंगे ताकि हर ग्राम पंचायत तक पशु चिकित्सा सुविधा पहुंच सके। जानकारी दी गई कि जिले में अब तक कुल 25 पशु औषधालय, 13 पशु चिकित्सालय और 7 कृत्रिम गर्भाधान उपकेंद्र संचालित हो रहे हैं, जहां टीकाकरण, दवा, कृत्रिम गर्भाधान और रोग नियंत्रण सेवाएं दी जा रही हैं। भंवरमाल औषधालय के प्रभारी के रूप में लौकेश पांडेय को एवीएफओ नियुक्त किया गया है।
शुभारंभ अवसर पर विभाग की चलित पशु चिकित्सा इकाई ने कई पशुओं की जांच की और निःशुल्क दवाएं वितरित कीं। पांच पशुपालकों को मिनरल मिक्सचर और डिवार्मिंग की गोली भी दी गई। ग्रामीण बड़ी संख्या में अपने पशुओं के साथ जांच के लिए पहुंचे।
सरकार का उद्देश्य पशुधन की सुरक्षा के साथ पशुपालकों की आय दोगुनी करना है। दूध, अंडा, मांस और गोबर-गोमूत्र से आय बढ़ाने की दिशा में ये केंद्र मददगार साबित होंगे। औषधालय में सामान्य बीमारियों के उपचार, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान, आपातकालीन चिकित्सा और परामर्श जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। भंवरमाल का यह केंद्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।