रायपुर, 29 मार्च 2026। राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारिता को चौथे स्तंभ के रूप में महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है। उन्होंने इसे केवल व्यवसाय नहीं, बल्कि मिशन और साधना बताते हुए इसे और अधिक सुदृढ़, विश्वसनीय और जनोन्मुखी बनाने का आह्वान किया।
राज्यपाल भिलाई सेक्टर-4 स्थित एस.एन.जी. ऑडिटोरियम में आयोजित छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के प्रादेशिक पत्रकार सम्मेलन एवं सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में उन्होंने उत्कृष्ट कार्य करने वाले पत्रकारों और महिला पत्रकारों को सम्मानित किया। सम्मानित महिला पत्रकारों में शगुफ्ता शीरीन, अनुभूति भाखरे, कोमल धनेसर और साक्षी सोनी शामिल हैं। इसके अलावा समाजसेवी महिलाओं साधना चतुर्वेदी, अंजना श्रीवास्तव, लता बौद्ध, दीप्ति सिंग और सुनीता जैन को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।

राज्यपाल ने कहा कि पत्रकारिता समाज का दर्पण है, जो जनता और सत्ता के बीच सेतु का कार्य करती है। उन्होंने वर्तमान समय की चुनौतियों का उल्लेख करते हुए कहा कि सोशल मीडिया के विस्तार ने सूचना के प्रवाह को लोकतांत्रिक बनाया है, लेकिन इसके साथ ही विश्वास का संकट भी उत्पन्न हुआ है।
उन्होंने कहा कि फेसबुक, व्हाट्सएप और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर बिना सत्यापन के समाचार तेजी से प्रसारित हो रहे हैं, जिससे ‘फेक न्यूज’ और ‘डीपफेक’ जैसी समस्याएं सामने आई हैं। इन परिस्थितियों में भी प्रिंट मीडिया ने अपनी विश्वसनीयता बनाए रखी है।
राज्यपाल ने कहा कि इन चुनौतियों से निपटने के लिए पत्रकारिता को अपने मूल आदर्शों की ओर लौटना होगा। एक स्वस्थ पत्रकारिता ही स्वस्थ लोकतंत्र की आधारशिला है।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ जर्नलिस्ट यूनियन के प्रदेशाध्यक्ष ईश्वर दुबे, सचिव सतीश बौद्ध सहित अन्य पदाधिकारी, राजाराम त्रिपाठी, प्रो. संजय त्रिवेदी, गिरीश पंकज और बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित थे।