पथरिया।
पथरिया जनपद पंचायत मुख्यालय में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी पथरिया द्वारा मनरेगा बचाव संघर्ष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश मिरी ने किया, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में कांग्रेस के मुंगेली जिला प्रभारी प्रेमचंद जयसी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पथरिया के पास आयोजित सभा में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी शामिल हुए। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर मनरेगा के मूल स्वरूप को बदलने का आरोप लगाया। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि महात्मा गांधी के नाम को हटाकर नई योजना “वीबी जी राम जी” के नाम से लागू करना मजदूरों के अधिकारों के साथ छल है और इससे मनरेगा की मूल भावना समाप्त हो रही है।

सभा में छत्तीसगढ़ सरकार पर भी किसानों के साथ अन्याय के आरोप लगाए गए। नेताओं ने कहा कि धान खरीदी की वर्तमान व्यवस्था किसानों के हित में नहीं है। आरोप लगाया गया कि लाखों किसान अभी तक धान नहीं बेच पाए हैं, जबकि 31 जनवरी को खरीदी की तिथि समाप्त हो रही है। ऐसी स्थिति में किसानों को मजबूरी में अपनी उपज कम दामों पर बेचनी पड़ेगी। इसके साथ ही टोकन कटने के बाद किसानों के घर जाकर धान उपलब्धता का भौतिक सत्यापन और जबरन रकबा समर्पण कराए जाने को भी किसान विरोधी कदम बताया गया।
इन मुद्दों को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जनपद पंचायत मुख्यालय में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया तथा पथरिया–सरगांव मुख्य मार्ग को प्रतीकात्मक रूप से चक्का जाम कर सरकार के खिलाफ विरोध दर्ज कराया।
कार्यक्रम में मुंगेली जिला कांग्रेस अध्यक्ष घनश्याम वर्मा, पूर्व जिला पंचायत सदस्य जगेश्वरी वर्मा, ब्लॉक अध्यक्ष मुकेश मुकेश मिरी, नेतराम साहू, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष ग्वालदास अनंत, सरगांव से आए राशिद खान, दिलीप कौशिक, ओंकार यादव, अभिषेक यादव, दीपक साहू पार्षद, पूर्व पार्षद संपत जयसवाल सहित ब्लॉक के अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

कांग्रेस ने मांग की कि मनरेगा का मूल स्वरूप बहाल किया जाए और छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की अवधि एक माह बढ़ाई जाए। चेतावनी दी गई कि मांगें पूरी नहीं होने पर कांग्रेस पार्टी प्रदेशभर में उग्र आंदोलन करेगी।