मुंगेली, छत्तीसगढ़: जिले के ग्राम झाफल निवासी प्रवीन सिंह राजपूत ने अपनी पत्नी, ससुराल पक्ष और उनके सहयोगियों पर लगातार मानसिक, सामाजिक और पारिवारिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए जिलाधीश सहित शासन के उच्च अधिकारियों को ज्ञापन सौंपकर इच्छा मृत्यु की अनुमति मांगी है।
प्रवीन सिंह राजपूत का विवाह 25 जून 2020 को लोरमी क्षेत्र की एक महिला से हुआ था। विवाह के बाद से ही ससुराल पक्ष द्वारा उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी, सास-ससुर और पत्नी के अन्य रिश्तेदारों द्वारा उन्हें बार-बार धमकाया गया, अपमानित किया गया और झूठे आरोपों में फंसाने की कोशिश की गई।
राजपूत ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पत्नी का किसी अरुण नामक व्यक्ति (जो एक शिक्षक बताया गया है) से शारीरिक संबंध है, जिसकी जानकारी उन्हें और उनके परिवार को पहले से थी। उन्होंने बताया कि इस विषय में बातचीत करने पर पत्नी ने झगड़ा किया और कई बार जानबूझकर घर छोड़ कर चली गई। इस पर जब राजपूत के माता-पिता ने हस्तक्षेप किया, तो उन पर भी मारपीट व अपमान का आरोप लगाया गया।
1 जून 2025 को प्रवीन सिंह के माता-पिता के सामने उनकी पत्नी और ससुराल वालों ने उन्हें गाली-गलौच की और धमकाया। वहीं 2 जून को सास द्वारा कहा गया कि “तुम्हारी औकात क्या है, तुम्हारा कोई अधिकार नहीं है” जैसे अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया गया। इसके बाद जब प्रवीन सिंह ने थाने में शिकायत दर्ज कराई, तो उनके अनुसार थाना और परिवार परामर्श केंद्र मुंगेली ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की।
पीड़ित ने यह भी कहा कि 4 जून को जब उन्होंने पुनः आवेदन दिया, तब भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। इतना ही नहीं, उनकी पत्नी द्वारा सोने-चांदी के कपड़े और ₹40,000 नगद हड़पने का भी आरोप लगाया गया है।
17 जून 2025 को दिए गए आवेदन में उन्होंने न्याय की गुहार लगाते हुए इच्छा मृत्यु की मांग की है और कहा है कि यदि उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे आत्महत्या जैसा कदम उठाने को मजबूर होंगे। उन्होंने राज्यपाल, मुख्यमंत्री, गृहमंत्री, विधानसभा अध्यक्ष सहित कई अधिकारियों को प्रतिलिपि भेजी है।