By संवाददाता | 25 जुलाई 2025
मुंगेली (छत्तीसगढ़) – मुंगेली जिले की पुलिस ने सबमर्सिबल पंप चोरी की वारदातों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सक्रिय चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। थाना लोरमी क्षेत्र के विभिन्न स्थानों से सबमर्सिबल पंप चोरी करने वाले चार शातिर चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 5 नग सबमर्सिबल पंप और एक पेंचिस (पाना) कुल कीमत लगभग ₹80,000 बरामद किए गए हैं।

चोरी की घटनाएं और FIR दर्ज
प्रथम प्रकरण में प्रार्थी दिलहरण साहू, निवासी हरदीबांध, ने थाना लोरमी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वार्ड क्रमांक 9, राम्हेपुर में भारतरत्न स्व. अटल बिहारी बाजपेयी जी की प्रतिमा के पीछे बोर खनन स्थल से अज्ञात चोरों ने सबमर्सिबल पंप और स्टार्टर पैनल (कीमत ₹20,000) चोरी कर लिया है। इस पर अपराध क्रमांक 443/25, धारा 305 बीएनएस दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
दूसरे प्रकरण में मोहन लाल साहू, निवासी झझपुरी कला, की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 448/25, धारा 303(2) बीएनएस दर्ज किया गया।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के निर्देशन पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा और उप पुलिस अधीक्षक लोरमी नवनीत पाटिल के मार्गदर्शन में विशेष टीम गठित कर चोरों की तलाश शुरू की गई।
मुखबिर की सूचना पर बांधा निवासी शेरा बघेल को हिरासत में लिया गया, जिसने पूछताछ में चोरी की बात स्वीकार की। उसने बताया कि चोरी की वारदातें उसने अपने साथी विष्णु डाहिरे, राहुल बारमते, और शिवशंकर अंचल के साथ मिलकर की थीं।
आरोपियों की गिरफ्तारी और माल बरामद
चारों आरोपियों की निशानदेही पर 5 नग पुरानी बोर मशीनें और एक पेंचिस बरामद की गईं। इन आरोपियों के नाम इस प्रकार हैं:
- शेरा बघेल पिता बाबूलाल बघेल (25 वर्ष), निवासी बांधा, थाना तखतपुर, बिलासपुर
- विष्णु डाहिरे उर्फ गोलू पिता प्राणदास डाहिरे (28 वर्ष), निवासी औराबांधा, थाना लोरमी
- राहुल बारमते उर्फ कोको पिता रामसिंह बारमते (20 वर्ष), निवासी बांधा, थाना तखतपुर
- शिवशंकर अंचल उर्फ रिंकू पिता पुरूषोत्तम अंचल, निवासी झझपुरी कला, थाना लोरमी
चारों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। प्रकरण में धारा 3(5) बीएनएस को भी जोड़ा गया है।
सबमर्सिबल खरीदने वाला निर्दोष पाया गया
उक्त चोरी में शामिल एक सबमर्सिबल पंप कोसकट्टी निवासी संजय बंजारे ने गलती से आरोपी से खरीदा था। उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था, अतः सुप्रीम कोर्ट के ‘अरनेश कुमार बनाम बिहार राज्य’ निर्णय के अनुसार दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए उसे उन्मुक्त किया गया।
कार्रवाई में शामिल अधिकारी व जवान
इस कार्रवाई में प्रमुख रूप से उप निरीक्षक सुशील कुमार बंछोर (प्रभारी सायबर सेल), उप निरीक्षक सत्येंद्रपुरी गोस्वामी, प्रआर नरेश यादव, लोकेश राजपूत, यशवंत डाहिरे, नोखेलाल कुर्रे, आरक्षक भेषज पाण्डेकर, राहुल यादव, परमेश्वर जांगड़े, हेमसिंह, राकेश बंजारा, रवि डाहिरे, गिरीराज परिहार, रवि मिंज, सउनि दिलीप प्रभाकर, प्रआर जयप्रकाश दुबे एवं आरक्षक देवीचंद नवरंग की सराहनीय भूमिका रही।