
मुंगेली, 7 जून 2025 — मुंगेली पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए फर्जी प्रमाण पत्र बनाकर सरकारी नौकरी दिलाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गिरोह के दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जो उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के निर्देशन में की गई।
ऐसे हुआ गिरोह का भंडाफोड़
6 जून को दो व्यक्ति — योगेन्द्र कुमार (निवासी: अंडला, थाना खैर, अलीगढ़, उत्तर प्रदेश) और प्रशांत राजपूत (निवासी: डौकी, आगरा, उत्तर प्रदेश) — पुलिस कार्यालय मुंगेली में एक युवक विशाल पिता यशपाल सिंह के चरित्र सत्यापन के लिए पहुँचे। पूछताछ में संदेह होने पर मामले की जानकारी पुलिस अधीक्षक को दी गई।
एसपी भोजराम पटेल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एडिशनल एसपी नवनीत कौर छाबड़ा और डीएसपी नवनीत पाटिल के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की। टीम में साइबर सेल और थाना लालपुर की पुलिस शामिल थी।
जांच के दौरान पुलिस ग्राम कंतेली पहुँची और सरपंच प्रतिनिधि, कोटवार तथा स्थानीय लोगों से पूछताछ की, जिसमें यह पुष्टि हुई कि विशाल नाम का कोई व्यक्ति उस गांव में नहीं रहता। इसके अलावा, योगेन्द्र और प्रशांत के नाम से भी कोई परिचित नहीं था।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे 2 जून को उत्तर प्रदेश से बिलासपुर आए थे और होटल अम्बे पैलेस में रुके थे। उन्होंने विशाल नामक युवक को फर्जी मूल निवास प्रमाण पत्र तैयार करवाकर बीएसएफ में सरकारी नौकरी दिलाई। होटल की तलाशी में पुलिस ने फर्जी निवास प्रमाण पत्र, कोरे नोटरी प्रमाण पत्र, दाखिल-खारिज, नकली सील, कूटरचित दस्तावेज और तीन मोबाइल जब्त किए।
फर्जी दस्तावेज बनाकर नौकरी का रैकेट
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पैसे के लालच में दस्तावेजों में कूटरचना कर फर्जी प्रमाण पत्र तैयार किए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर सरकारी सेवाओं, विशेषकर केंद्रीय बलों में नौकरी दिलाई जाती थी।
बीएसएफ में एसआरई जिले के उम्मीदवारों को अतिरिक्त अंक मिलने की संभावना को देखते हुए बाहरी राज्यों — जैसे उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान — के कई अभ्यर्थी फर्जी निवास प्रमाण पत्र बनवाकर आवेदन कर रहे हैं।
दर्ज हुआ अपराध, जारी है आगे की जांच
थाना लालपुर में अपराध क्रमांक 103/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर दोनों आरोपियों को 7 जून को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
इस कार्रवाई में थाना लालपुर, साइबर सेल और जिला विशेष शाखा की टीम की विशेष भूमिका रही।
— रिपोर्ट: मुंगेली पुलिस से प्राप्त प्रेस नोट