मुंगेली।
जिला मुंगेली के थाना सिटी कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ग्राम नेवासपुर में जमीन विवाद के चलते हुई हत्या के मामले में मुंगेली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने इस गंभीर प्रकरण के फरार मुख्य आरोपी विमल सप्रे को गिरफ्तार कर लिया है। साथ ही घटना में शामिल एक विधि से संघर्षरत बालक को भी अभिरक्षा में लिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मुंगेली श्री भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के निर्देशन में की गई।
घटना 11 दिसंबर 2025 की है, जब नेवासपुर स्थित खेत में धान की फसल काटने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था। सूचना के अनुसार, झम्मन सप्रे और उसके परिवार के सदस्य खेत में धान काट रहे थे, जिसका जनक सोनकर ने विरोध किया। इसी बात पर विवाद बढ़ गया और आरोपियों ने लाठी, डंडा, टंगिया और लोहे की रॉड से हमला कर दिया। हमले में जनक सोनकर को सीना, पेट और सिर में गंभीर चोटें आईं, जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल मुंगेली में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
हत्या के बाद त्वरित कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक द्वारा आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नवनीत कौर छाबड़ा और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस मयंक तिवारी के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए पहले ही छह आरोपियों—झम्मन लाल सप्रे, दुजेराम सप्रे, द्वारिका सप्रे, हिरौदी सप्रे, रूपनारायण आहिरे और प्रणय साहू—को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था।

फरार आरोपी की गिरफ्तारी
घटना के बाद से फरार चल रहे मुख्य आरोपी विमल सप्रे की लगातार तलाश की जा रही थी। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने 23 दिसंबर 2025 को उसे हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपराध स्वीकार किया और घटना में प्रयुक्त एक बांस का डंडा पुलिस को सौंपा। आरोपी की निशानदेही पर एक विधि से संघर्षरत बालक की भूमिका भी सामने आई, जिसे नियमानुसार अभिरक्षा में लिया गया।
पुलिस ने प्रकरण में आरोपियों द्वारा एक राय होकर षड्यंत्रपूर्वक अपराध कारित करने के साक्ष्य मिलने पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61(2) सहित अन्य संबंधित धाराएं जोड़ी हैं। थाना सिटी कोतवाली मुंगेली में अपराध क्रमांक 530/25 के तहत कुल सात आरोपियों और एक विधि से संघर्षरत बालक के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक कार्तिकेश्वर जांगड़े सहित पुलिस टीम के कई अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका सराहनीय रही। मामले की विवेचना जारी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया नियमानुसार संपन्न की जा रही है।