(संतोष कश्यप ब्यूरो) बलरामपुर, 16 जुलाई 2025
छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से अंधविश्वास की भयावह घटना सामने आई है, जहां एक तीन वर्षीय मासूम अजय नगेसिया की निर्मम हत्या कर बलि चढ़ा दी गई। आरोपी ने अपने मिर्गी पीड़ित बेटे के इलाज के लिए मानव बलि देने का दावा किया। सामरीपाठ थाना क्षेत्र में हुए इस दिल दहला देने वाले मामले में पुलिस ने आरोपी राजू कोरवा (40 वर्ष) को गिरफ्तार कर लिया है।

घटना का खुलासा
1 अप्रैल 2024 को मृतक अजय नगेसिया, निवासी ग्राम झलबासा, खेलते-खेलते लापता हो गया था। परिजन ने कई दिनों तक खोजबीन की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। सामरी थाना में बच्चे के अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिससे संदेह की दिशा ग्राम कटईडीह निवासी राजू कोरवा की ओर बढ़ी। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
हत्या की क्रूर योजना
राजू कोरवा ने नशे की हालत में अंधविश्वास के तहत मासूम अजय को बिस्कुट और मिठाई का लालच देकर बहलाया और अपने घर ले गया, जहां उसने लोहे की छुरी से उसकी गला रेतकर हत्या कर दी।
हत्या के बाद, उसने धड़ को बोरे में डालकर बोड़ादह कोना नाला में ले जाकर जला दिया,
जबकि सिर को तीन दिन तक अपने घर में छुपाकर रखा, फिर बोइदहा नाला के पास गड्ढा खोदकर दफना दिया।
सिर और हथियार की बरामदगी
पुलिस ने तहसीलदार सामरी की उपस्थिति में शव के सिर का उत्खनन कराया, जो करीब दो फीट गहरे गड्ढे में कपड़े में लिपटा मिला। सिर की स्थिति देखने पर केवल खोपड़ी और अस्थि-अवशेष शेष बचे थे। इसके अलावा हत्या में प्रयुक्त लोहे की छुरी आरोपी के घर से जब्त की गई।
आरोपी का उद्देश्य: अंधविश्वास में “महादानी देवता” को बलि
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका बड़ा बेटा मिर्गी और मानसिक बीमारी से पीड़ित था, और उसने “महादानी देवता” को मानव बलि देने का अंधविश्वास पाल रखा था। इसी विकृत सोच के चलते उसने यह जघन्य अपराध किया।
कानूनी कार्रवाई
प्रारंभिक साक्ष्य और आरोपी के कबूलनामे के आधार पर सामरीपाठ थाना पुलिस ने राजू कोरवा पिता लेब्दू कोरवा के खिलाफ IPC की धारा 302 (हत्या) और 201 (साक्ष्य मिटाने) के तहत अपराध दर्ज कर 16 जुलाई 2025 को विधिवत गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका
इस गंभीर मामले का खुलासा और कार्यवाही एसपी वैभव बैंकर, एएसपी विश्वदीपक त्रिपाठी, तथा एसडीओपी इमानुएल लकड़ा के निर्देशन में हुई।
इसमें थाना प्रभारी निरीक्षक विजय प्रताप सिंह, स.उ.नि. आनंद मसीह तिर्की, प्र.आर. 681 संजय साहू, आर. 184 आदित्य कुजुर, आर. 928 संतोष यादव, आर. 110 अमित लकड़ा, तथा आर. 691 ओमकार रजक का विशेष योगदान रहा।