मुख्यमंत्री कार्यालय ने लिया संज्ञान, कलेक्टर को कार्रवाई के निर्देश

रायपुर/बलरामपुर, 05 मार्च 2026। सरगुजा संभाग के कुसमी क्षेत्र में कथित अवैध बॉक्साइट खनन, अवैध रेत परिवहन और प्रशासनिक अनियमितताओं से जुड़े मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री सचिवालय ने बलरामपुर कलेक्टर को प्राप्त आवेदन पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

जानकारी के अनुसार ऑल मीडिया प्रेस एसोसिएशन के सरगुजा संभाग अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ श्रमजीवी पत्रकार कल्याण संघ राजपुर के प्रवक्ता और संचार टुडे सीजीएमपी न्यूज के छत्तीसगढ़ स्टेट हेड अभिषेक कुमार सोनी ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय को इस संबंध में विस्तृत ज्ञापन भेजा था। ज्ञापन में कुसमी क्षेत्र में लंबे समय से कथित रूप से संचालित अवैध बॉक्साइट खनन और अवैध रेत परिवहन पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है। साथ ही हंसपुर प्रकरण की उच्च स्तरीय, निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कराने तथा कुसमी में पदस्थापन अवधि के दौरान तत्कालीन एसडीएम करुण कुमार डहरिया द्वारा लिए गए प्रशासनिक निर्णयों और कार्रवाइयों की समग्र समीक्षा की मांग की गई है।

एसडीएम के कार्यकाल की समीक्षा की मांग

ज्ञापन में कुसमी में पदस्थापन अवधि के दौरान पारित महत्वपूर्ण प्रशासनिक आदेशों, अनुमतियों और कार्रवाइयों की समग्र समीक्षा कराने की मांग की गई है। साथ ही अवैध बॉक्साइट खनन और अवैध रेत परिवहन से जुड़े संभावित संरक्षण, सांठगांठ या लापरवाही की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। राजस्व, खनिज, वन और पुलिस विभाग से संबंधित फाइलों, शिकायतों और की गई कार्रवाइयों की वस्तुनिष्ठ जांच कराने का भी आग्रह किया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि यदि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग या आपराधिक संरक्षण की पुष्टि होती है तो संबंधितों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए।

अवैध खनन को लेकर स्थानीय स्तर पर आरोप

स्थानीय आदिवासी समाज और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि कुसमी क्षेत्र में लंबे समय से अवैध बॉक्साइट खनन और रेत परिवहन जारी रहा, जिससे जल, जंगल और जमीन प्रभावित हुए हैं। विरोध करने वाले ग्रामीणों को दबाव और भय का सामना करना पड़ा। ज्ञापन में कहा गया है कि इस प्रकरण की पारदर्शी जांच न केवल पीड़ितों को न्याय दिलाने बल्कि शासन-प्रशासन पर जनता के विश्वास को मजबूत करने के लिए आवश्यक है।

क्या है पूरा मामला

बताया जाता है कि 16 फरवरी 2026 की रात लगभग 8 बजे कुसमी में पदस्थ एसडीएम करुण कुमार डहरिया अपने सहयोगियों के साथ ग्राम पंचायत हंसपुर क्षेत्र में कथित बॉक्साइट खनन से जुड़े ट्रक के संबंध में कार्रवाई के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान खेत में पानी पटाने वाले आदिवासी ग्रामीणों के साथ मारपीट की घटना हुई। घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने 62 वर्षीय रामनरेश उरांव को मृत घोषित कर दिया।

पुलिस के अनुसार इस मामले में एसडीएम करुण कुमार डहरिया सहित चार आरोपियों के खिलाफ धारा 103(1), 115(2) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है। मामले में अन्य संभावित संलिप्तता की जांच जारी है।

घटना के बाद सर्व आदिवासी समाज, स्थानीय ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने काका लरंग साय चौक पर सांकेतिक चक्का जाम कर प्रदर्शन किया था। बाद में पुलिस की समझाइश के बाद जाम समाप्त किया गया।

प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी निगाहें

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा संज्ञान लेने के बाद अब जिला प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। यदि उच्च स्तरीय जांच समिति गठित होती है तो अवैध खनन, खनिजों के परिवहन, राजस्व हानि और प्रशासनिक स्तर पर संभावित लापरवाही जैसे पहलुओं की गहन जांच हो सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि निष्पक्ष और पारदर्शी जांच से अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के साथ भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए भी प्रभावी व्यवस्था बनाई जा सकती है।

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Author: Nawabihan

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