मुंगेली, 10 अक्टूबर 2025 —
मुंगेली पुलिस ने जिलेभर में ‘पहल अभियान’ के तहत बच्चों को ऑनलाइन धोखाधड़ी और मोबाइल से होने वाले साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देशन में चलाए गए इस जनजागरूकता अभियान के दौरान अब तक 40 हजार से अधिक बच्चों को साइबर अपराधों से सुरक्षा के उपाय बताए गए।

अभियान के तहत बच्चों को बताया गया कि कैसे अज्ञात लिंक, फेक कॉल, संदिग्ध ऐप या ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड से ठगी की जाती है। साथ ही उन्हें सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, मजबूत पासवर्ड और निजी जानकारी साझा न करने जैसी सावधानियां अपनाने की सलाह दी गई।
अभियान में साइबर ठगी हेल्पलाइन नंबर 1930 की भी जानकारी दी गई। यह नंबर भारत सरकार का राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर है, जिसे गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) और Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) द्वारा संचालित किया जाता है।
हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करने के लाभ:
ठगी की शिकायत तुरंत दर्ज होती है।
संबंधित बैंक या वॉलेट में राशि फ्रीज (Freeze) करने की प्रक्रिया शुरू होती है, जिससे पैसा वापस मिलने की संभावना बढ़ती है।
शिकायत दर्ज करने के लिए www.cybercrime.gov.in पोर्टल का लिंक भेजा जाता है।
पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी कि ठगी की घटना के 24 घंटे के भीतर कॉल करें, ताकि रिकवरी की संभावना बनी रहे। साथ ही बैंक, वॉलेट या UPI ट्रांजैक्शन की रसीद या स्क्रीनशॉट सुरक्षित रखने और नजदीकी साइबर सेल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने की अपील भी की गई।
मुंगेली पुलिस ने नागरिकों से अपील की — “सावधान रहें, सुरक्षित रहें।”