मुंगेली, 26 सितम्बर 2025// उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने जनपद पंचायत लोरमी में आदि कर्मयोगी एवं सहयोगियों की बैठक लेकर ग्राम विकास की योजनाओं की समीक्षा की और माइक्रोप्लानिंग के माध्यम से वर्ष 2030 तक गांवों की तस्वीर बदलने का लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने कहा कि सरकार आदिवासी समुदाय के हित में लगातार कार्य कर रही है और केवल योजना बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका लाभ सभी पात्र लोगों तक पहुँचना चाहिए।

बैठक में महिला स्वास्थ्य, पोषण, बच्चों की शिक्षा, पलायन रोकने और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत बनाने पर चर्चा हुई। ग्राम पंचायत कोसाबाड़ी की सरपंच चंद्रकली पोरते ने पेयजल संकट, सड़कों की खराब स्थिति और शिक्षकों की कमी की समस्या रखी, जिसे विजन डॉक्यूमेंट में शामिल करने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर कुन्दन कुमार ने बताया कि 2030 तक हर बच्चे को शिक्षित करना और सभी विद्यालयों को आवश्यक सुविधाओं से लैस करना प्राथमिक लक्ष्य है।

उप मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित राष्ट्र के संकल्प को पूरा करने की दिशा में प्रदेश की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आने वाले 25 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर योजनाएं तैयार की जा रही हैं। 2 अक्टूबर तक सभी ग्राम पंचायतों की प्लानिंग शासन को सौंपी जाएगी, ताकि वास्तविक जरूरतों के अनुसार योजनाओं का क्रियान्वयन हो सके।
इसी क्रम में सेवा पखवाड़ा के तहत नगर पालिका लोरमी में स्वच्छता ही सेवा अभियान चलाया गया। उप मुख्यमंत्री अरुण साव के नेतृत्व में महामाया मंदिर से लेकर 50 बिस्तर अस्पताल तक सफाई की गई। इस अवसर पर कलेक्टर कुन्दन कुमार, पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पांडेय, नगर पालिका अध्यक्ष सुजीत वर्मा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधि व अधिकारी शामिल हुए और श्रमदान किया।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर को अपना घर मानकर साफ-सफाई करना हर नागरिक का कर्तव्य है। “मेरा लोरमी, मेरा अभिमान” की भावना से सभी लोग शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने में योगदान दें। उन्होंने उपस्थित नागरिकों को शपथ दिलाई कि वे स्वयं स्वच्छता का पालन करेंगे और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे।
ग्राम विकास योजनाओं और स्वच्छता अभियान पर हुए संयुक्त प्रयासों से लोरमी क्षेत्र में विकास और जनभागीदारी को नई दिशा मिल रही है।
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