रायपुर, 11 जनवरी 2026। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि कर्मचारियों की मेहनत, निष्ठा और अनुशासन से ही शासन की नीतियां धरातल पर साकार होती हैं। उन्होंने राजधानी रायपुर के रोहिणीपुरम स्थित सरस्वती शिक्षा संस्थान परिसर में राज्य कर्मचारी संघ, छत्तीसगढ़ के त्रैवार्षिक अष्टम प्रदेश अधिवेशन को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कर्मचारी शासन-प्रशासन की रीढ़ होते हैं और उनकी ईमानदारी व संवेदनशीलता से योजनाएं और निर्णय प्रभावी रूप से लागू होते हैं। छत्तीसगढ़ का प्रशासनिक ढांचा कर्मचारियों के प्रयासों से सुचारु रूप से कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने शासकीय अधिकारी-कर्मचारियों के महंगाई भत्ते को 55 प्रतिशत से बढ़ाकर केंद्र सरकार के समान 58 प्रतिशत करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह निर्णय बढ़ती महंगाई के बीच कर्मचारियों को राहत देगा और सरकार की कर्मचारी-हितैषी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि अधिवेशन संगठनात्मक विचार-विमर्श के साथ सुशासन के संकल्प को मजबूत करने का अवसर है। सरकार और कर्मचारी मिलकर कार्य करें तो विकास को गति मिलती है। पिछले दो वर्षों में स्थानांतरण नीति, पदोन्नति प्रक्रिया और कार्यस्थल व्यवस्थाओं में सुधार किए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य सेवानिवृत्ति लाभों के समयबद्ध भुगतान पर विशेष ध्यान दिया गया है। छत्तीसगढ़ पेंशन फंड की स्थापना और पेंशन फंड विधेयक के पारित होने से इस दिशा में विधायी आधार मिला है।
उन्होंने कहा कि ई-ऑफिस, ऑनलाइन सेवाओं और तकनीकी नवाचारों से कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ाई गई है। प्रशिक्षण और क्षमता विकास कार्यक्रमों के माध्यम से कर्मचारियों को तैयार किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय नक्सलवाद प्रदेश के लिए बड़ी चुनौती था, लेकिन सुरक्षा बलों ने साहस के साथ इसका मुकाबला किया है। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों के लिए पुनर्वास नीति लागू की गई है। 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित है। बस्तर क्षेत्र में ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के माध्यम से बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा, राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी संघ के अखिल भारतीय अध्यक्ष गौरव कुमार सोनी, महामंत्री राजेन्द्र कुमार श्रीवास्तव, राज्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष अरुण तिवारी, प्रदेश महामंत्री अश्वनी चेलक सहित बड़ी संख्या में अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।