नई दिल्ली, 09 मार्च 2026। केंद्रीय जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि प्रत्येक ग्रामीण परिवार को पर्याप्त मात्रा में गुणवत्तायुक्त पेयजल उपलब्ध कराने के लिए केंद्र सरकार अगस्त 2019 से राज्यों के साथ साझेदारी में जल जीवन मिशन (हर घर जल) योजना लागू कर रही है।
मंत्री ने बताया कि मिशन की शुरुआत में केवल 3.23 करोड़ यानी 16.7 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों के पास नल का कनेक्शन था। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की रिपोर्ट के अनुसार 3 मार्च 2026 तक 12.58 करोड़ से अधिक अतिरिक्त ग्रामीण परिवारों को नल कनेक्शन प्रदान किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि देश के लगभग 19.36 करोड़ ग्रामीण परिवारों में से करीब 15.82 करोड़ यानी 81.71 प्रतिशत परिवारों को अब नल से पानी की आपूर्ति मिल रही है। मिशन के अंतर्गत राज्य, जिला और ग्रामवार नल कनेक्शन की जानकारी जेजेएम डैशबोर्ड पर सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है।
मंत्री ने कहा कि राज्यों ने कुछ क्षेत्रों में विश्वसनीय जल स्रोतों की कमी, भूगर्भीय प्रदूषण, दुर्गम भूभाग, बिखरी बसावट, सीमित तकनीकी क्षमता, बढ़ती सामग्री लागत और वैधानिक स्वीकृतियों में देरी जैसी चुनौतियों की जानकारी दी है। इन चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार ने पूंजीगत व्यय की विशेष सहायता, नोडल अधिकारियों की नियुक्ति, राज्य और जिला परियोजना प्रबंधन इकाइयों की स्थापना तथा नल जल मित्र कार्यक्रम जैसे कदम उठाए हैं।
उन्होंने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत घरेलू नल जल कनेक्शनों की कार्यक्षमता का आकलन एक स्वतंत्र तृतीय-पक्ष एजेंसी द्वारा किया जाता है। वर्ष 2024 के कार्यक्षमता आकलन में पाया गया कि सर्वेक्षित गांवों में 98.1 प्रतिशत घरों में नल कनेक्शन थे, जिनमें से 87 प्रतिशत घरों ने पिछले सप्ताह पानी मिलने की जानकारी दी।
आकलन के अनुसार 84 प्रतिशत घरों को निर्धारित समय पर पानी मिल रहा है और 80 प्रतिशत घरों को प्रति व्यक्ति प्रतिदिन न्यूनतम 55 लीटर पानी मिल रहा है। सर्वेक्षण में 76 प्रतिशत घरों में जल आपूर्ति जीवाणु संक्रमण से मुक्त और 81 प्रतिशत घरों में रासायनिक संक्रमण से मुक्त पाई गई। मात्रा, गुणवत्ता और नियमितता के मानकों के अनुसार 76 प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन कार्यशील पाए गए।