बलरामपुर। कभी अंधेरे में डूबा रहने वाला बलरामपुर जिले का आश्रित ग्राम बरपानी अब रोशनी से जगमगा उठा है। शासन और प्रशासन के सतत प्रयासों से इस गांव में पहली बार बिजली पहुंची है। शंकरगढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत पहरी के आश्रित बरपानी गांव के 6 पहाड़ी कोरवा परिवार अब अंधेरे नहीं, बल्कि उजाले में जीवन बिता रहे हैं।

पहली बार बिजली से जगमगाए घर और गलियां
बरपानी के ग्रामीणों के लिए बिजली लंबे समय से एक सपना थी। सूरज ढलते ही पूरा गांव अंधेरे में डूब जाता था, लेकिन अब हालात बदल गए हैं। गांव के घरों, गलियों और खेतों में रोशनी फैलने लगी है। बच्चों के चेहरों पर उत्साह और बुजुर्गों के चेहरे पर संतोष झलक रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले उन्हें शाम ढलने से पहले सभी काम निपटाने पड़ते थे, पर अब रात का सन्नाटा उजाले में बदल गया है।
पीएम जनमन योजना से बदल रही है तस्वीर
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा पीएम जनमन योजना के अंतर्गत आदिवासी और पहाड़ी क्षेत्रों में तेजी से विद्युतीकरण का कार्य किया जा रहा है। शासन का उद्देश्य है कि प्रदेश की कोई भी बस्ती अंधेरे में न रहे। इस योजना से दूरस्थ गांवों में भी बिजली की पहुंच संभव हो पाई है।
प्रशासन की सतत निगरानी से हुआ संभव
जिला प्रशासन बलरामपुर और छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल के संयुक्त प्रयासों से यह कार्य सफल हुआ। प्रशासन लगातार यह सुनिश्चित कर रहा है कि वनांचल और पहाड़ी कोरवा बस्तियों का शत-प्रतिशत विद्युतीकरण हो और हर घर तक बिजली पहुंचे।
बरपानी में बिजली पहुंचने से अब गांव के विकास की दिशा में एक नया अध्याय जुड़ गया है — जहां कभी लालटेन की लौ में रात गुजरती थी, वहां अब उजाले से उम्मीदें जगमगा रही हैं।