गिरौदपुरी में शिक्षा और बचत का सम्मान मंच
150 से अधिक विद्यार्थियों का सम्मान, शिक्षा और वित्तीय अनुशासन पर जोर
गिरौदपुरी, 15 जून 2025 — अर्थ फाउंडेशन हमर छत्तीसगढ़ द्वारा सतनाम धर्मशाला मड़वा गिरौदपुरी धाम में “मेरिट अवार्ड एवं सम्मान समारोह 2025” का भव्य आयोजन संपन्न हुआ। समारोह में राज्य के 150 से अधिक मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। आयोजन का उद्देश्य शिक्षा के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन और बचत की आदत को भी बढ़ावा देना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ अर्थ फाउंडेशन के संस्थापक श्री धीरेन्द्र कुमार बनर्जी द्वारा संस्था की भूमिका और उद्देश्यों को साझा करते हुए किया गया। उन्होंने कहा कि शिक्षा जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है, और यदि विद्यार्थी इसके साथ नियमित आर्थिक बचत की समझ विकसित करें तो वे भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकते हैं।संस्थापक श्री धीरेन्द्र कुमार बनर्जी ने समाज के सभी वर्गों के लोगों से संस्था से अधिक से अधिक संख्या में जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि “जब समाज एकजुट होता है, तभी शिक्षा और विकास की दिशा में ठोस बदलाव संभव है।”
स्थापक सदस्य श्री संतोष जांगड़े ने ‘प्रतिभा सम्मान’ की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि समाज में यदि योग्यताओं को समय पर पहचान और सम्मान मिले, तो वे और अधिक निखरती हैं। उन्होंने बताया कि प्रतिभा केवल व्यक्तिगत उन्नति नहीं, बल्कि सामाजिक विकास की धुरी भी होती है। ऐसे सम्मानों से न केवल विद्यार्थी प्रेरित होते हैं, बल्कि समाज में सकारात्मक प्रतिस्पर्धा और शिक्षा के प्रति जागरूकता का माहौल भी तैयार होता है।
उन्होंने यह भी कहा कि जब समाज अपनी होनहार पीढ़ी को सम्मान देता है, तो वह भावी नेतृत्व में निवेश करता है, जिससे समग्र सामाजिक प्रगति संभव होती है। प्रतिभा सम्मान जैसे आयोजनों से न केवल छात्रों को आगे बढ़ने की ऊर्जा मिलती है, बल्कि यह आयोजन सामाजिक समरसता और सहयोग की भावना को भी मजबूत करता है।
मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. प्यारेलाल आदिले ने अपने प्रेरक भाषण में कहा, “शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, यह एक संस्कार है।” उन्होंने विद्यार्थियों को सावित्री बाई फुले और गुरु घासीदास बाबा के विचारों से प्रेरणा लेकर विपरीत परिस्थितियों में भी अध्ययन और वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की सलाह दी।
विशिष्ट अतिथियों में श्री विनोद कोशले, अभिनेत्री मंजिमा शांडिल्य, डॉ. डी.पी. मनहर और श्री आर.पी. मिरे ने विद्यार्थियों को नियमित पढ़ाई और आर्थिक जागरूकता के महत्व पर बल दिया। सुश्री मंजिमा शांडिल्य ने कहा कि आत्मविश्वास और लक्ष्य के साथ आगे बढ़ने वाला विद्यार्थी कभी हारता नहीं — चाहे आर्थिक चुनौतियाँ क्यों न हों।
समारोह में कक्षा 10वीं और 12वीं में 75% से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। विद्यार्थियों ने भी समाज व राष्ट्र के लिए समर्पित होकर कार्य करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के अंत में श्री बिपेन्द्र बघेल ने सभी उपस्थितजनों का आभार व्यक्त करते हुए भविष्य में भी शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर ऐसे आयोजनों की निरंतरता का आश्वासन दिया।
समापन पर श्री बिपेन्द्र बघेल ने अतिथियों, पालकों और विद्यार्थियों को धन्यवाद देते हुए कहा कि शिक्षा को सामाजिक चेतना और आर्थिक समझ से जोड़ने वाले ऐसे आयोजन भविष्य में भी जारी रहेंगे।
इस अवसर पर डॉ. राम मनोहर (RIMS रायपुर), श्री अमर भास्कर (जिला महाप्रबंधक, नागरिक आपूर्ति निगम, कवर्धा), डॉ. प्रकाश खरे (CIMS बिलासपुर), रामनारायण भारद्वाज, हेमंत कुर्रे, अश्विनी कुर्रे, हरिप्रसाद कुर्रे, पुष्पेंद्र लहरे, बीरबल पंकज, कीर्तन लाल भारद्वाज, सुनील पुरेना, मानेश सतनामी, नरेन्द्र गेंदले सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं सैकड़ों पालकगण उपस्थित रहे।
यह कार्यक्रम विद्यार्थियों को न केवल शैक्षणिक दिशा में प्रेरित करने वाला सिद्ध हुआ, बल्कि उन्हें आर्थिक रूप से जागरूक और जिम्मेदार नागरिक बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

इस कार्यक्रम ने शिक्षा को सामाजिक चेतना से जोड़ते हुए विद्यार्थियों को सम्मानित करने का एक प्रेरणादायक मंच प्रदान किया। समापन अवसर पर श्री बिपेन्द्र बघेल ने सभी अतिथियों, पालकों और विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया एवं भविष्य में भी ऐसे आयोजन नियमित रूप से करने का संकल्प लिया।
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