मुंगेली/जरहागांव: मुंगेली जिले के जरहागांव थाना क्षेत्र में एक बेहद ही शर्मनाक और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। रोजगार की तलाश में गुजरात गए दंपति की 12 वर्षीय नाबालिग बेटी को घर में अकेला पाकर एक पड़ोसी युवक ने उसके साथ दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की और 20 वर्षीय आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
बाथरूम से लौटते ही हैवानियत का शिकार हुई बच्ची
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता के माता-पिता रोजी-रोटी कमाने के लिए गुजरात गए हुए थे। उनकी 12 वर्षीय बेटी, जो 7वीं कक्षा की छात्रा है, गांव (फरहदा) में अकेली रहकर पढ़ाई कर रही थी। 28 फरवरी 2026 की रात करीब 10-11 बजे जब बच्ची बाथरूम से लौटकर अपने कमरे में आई, तो वहां पहले से ही पड़ोसी अरविंद सोनवानी (20 वर्ष) छिपा बैठा था। आरोपी ने बच्ची के हाथ और मुंह कपड़े से बांध दिए और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। जाते समय उसने बच्ची को धमकी दी कि यदि उसने यह बात किसी को बताई तो वह उसे जान से मार देगा।
फोन पर पिता को बताया खतरे का अंदेशा, लौटने पर खुली पोल

डरी-सहमी बच्ची ने 9 मार्च को अपने पिता को फोन किया और बताया कि उसकी तबीयत ठीक नहीं है तथा उसे खतरा महसूस हो रहा है। बेटी की बात सुनकर घबराए पिता 12 मार्च को गुजरात से वापस गांव पहुंचे। पिता के आने के बाद हिम्मत जुटाकर बच्ची ने अपने साथ हुई पूरी आपबीती सुनाई। परिजनों ने बिना देरी किए जरहागांव थाने पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पॉक्सो एक्ट और बीएनएस की धाराओं के तहत मामला दर्ज
शिकायत मिलते ही जरहागांव पुलिस ने आरोपी अरविंद सोनवानी (पिता- धर्मेन्द्र) के खिलाफ अपराध क्रमांक 40/26 दर्ज किया। पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 65, 65(1), 333, 351(3) और 4 पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत एफआईआर पंजीबद्ध कर जांच शुरू की।
तकनीकी सहायता और मुखबिर की सूचना पर पकड़ा गया आरोपी
मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री भोजराम पटेल (IPS) ने तत्काल आरोपी की गिरफ्तारी के सख्त निर्देश दिए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री नवनीत कौर छाबड़ा और मयंक तिवारी के मार्गदर्शन में पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया और साक्ष्य जुटाए।
मुखबिर की सूचना और साइबर सेल की तकनीकी सहायता से पुलिस ने आरोपी अरविंद सोनवानी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। इसके बाद पुलिस ने 13 मार्च को उसे विधिवत गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इस पूरी कार्रवाई में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक प्रसाद सिन्हा, जरहागांव थाना प्रभारी उपनिरीक्षक सतेन्द्रपुरी गोस्वामी सहित जरहागांव थाने और साइबर सेल की टीम का अहम योगदान रहा।