रायपुर, 10 नवम्बर 2025।
छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना के रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में शासकीय कन्या पॉलीटेक्निक रायपुर एवं छत्तीसगढ़ विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद के संयुक्त तत्वावधान में ‘साइबर एवं डिजिटल सुरक्षा’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी का विषय था — “साइबर और डिजिटल सुरक्षा: डिजिटल युग में चुनौतियाँ और अवसर।”
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा, रोजगार एवं अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि डिजिटल युग में हमारा व्यवहार भी डिजिटल हो गया है, इसलिए डिजिटल सुरक्षा अब हमारी जिम्मेदारी बन गई है। हमें तकनीक का उपयोग समझदारी, संवेदनशीलता और सुरक्षा के साथ करना चाहिए। उन्होंने कहा कि “विकसित भारत 2047” की तर्ज पर छत्तीसगढ़ का “नवा अंजोर 2047 विजन डॉक्यूमेंट” राज्य को नवाचार, आत्मनिर्भरता और तकनीकी उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ाने का रोडमैप है।

मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब ने युवाओं का आह्वान करते हुए कहा कि अब समय है जब हमारे युवा नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि नौकरी देने वाले बनें। उन्होंने छात्राओं से कहा कि वे साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिटिक्स और सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी जैसी उभरती तकनीकों में दक्षता प्राप्त करें। उन्होंने बताया कि भारत में सेमीकंडक्टर उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से प्रगति हो रही है और छत्तीसगढ़ के युवा भी इस तकनीकी क्रांति का हिस्सा बनें।

मंत्री ने कहा कि भारत का बैंकिंग सिस्टम आज विश्व के सबसे मजबूत सिस्टमों में से एक है, लेकिन इसके सुरक्षित उपयोग की जिम्मेदारी नागरिकों की है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे डिजिटल साक्षरता और साइबर जागरूकता को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। मंत्री ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन युवाओं को जागरूक, कुशल और तकनीकी दृष्टि से सशक्त बनाते हैं। यह पहल ‘सुरक्षित डिजिटल छत्तीसगढ़’ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि डॉ. एम. एल. अग्रवाल, अतिरिक्त संचालक, तकनीकी शिक्षा संचालनालय छत्तीसगढ़, ने तकनीकी शिक्षा विभाग की योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि प्रदेश में चार सीजीआईटी संस्थान प्रारंभ किए जा चुके हैं और तीन नए संस्थानों की स्थापना प्रस्तावित है, जो युवाओं को उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।

संगोष्ठी के तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों ने अपने व्याख्यान दिए। पहले सत्र में एनआईटी रायपुर के प्रो. डॉ. नरेश नागवानी ने साइबर सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और केंद्र सरकार द्वारा उपलब्ध साइबर सुरक्षा टूल्स की जानकारी दी। दूसरे सत्र में पं. रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर के प्रो. डॉ. संजय कुमार ने डिजिटल युग की चुनौतियों और उनके समाधान पर विस्तृत व्याख्यान दिया।
इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में कुल 150 प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता रही, जिनमें 18 प्रतिभागी राष्ट्रीय स्तर के थे। कार्यक्रम का संचालन शासकीय कन्या पॉलीटेक्निक रायपुर की प्राचार्य डॉ. वर्षा चौरसिया के नेतृत्व में किया गया। उन्होंने सभी अतिथियों, वक्ताओं एवं आयोजन टीम का आभार व्यक्त किया।