रायपुर, 16 नवंबर 2025। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी शुरू होने से पहले ही राज्य सरकार ने अवैध धान परिवहन पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। 1 से 16 नवंबर की अवधि में राज्य में 19,320 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया है। मार्कफेड द्वारा सीमा क्षेत्रों में चेकपोस्ट, टास्कफोर्स और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से सतत निगरानी की जा रही है।
सीमावर्ती जिलों में सख्त निगरानी, महासमुंद में सबसे अधिक जब्ती
मार्कफेड के आंकड़ों के अनुसार, 1–16 नवंबर के बीच सबसे अधिक महासमुंद जिले में 4,266 क्विंटल धान जब्त हुआ। इसके बाद बलरामपुर में 4,139 क्विंटल, सूरजपुर में 1,750 क्विंटल, रायगढ़ में 1,201 क्विंटल, जशपुर में 1,157 क्विंटल, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 967 क्विंटल, कोंडागांव में 869 क्विंटल और अन्य जिलों में भी उल्लेखनीय मात्रा में अवैध धान पकड़ा गया।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए किसी भी प्रकार की अनियमितता पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।

अलर्ट सिस्टम से त्वरित कार्रवाई, दो बड़ी जब्ती
मार्कफेड के इंटीग्रेटेड कंट्रोल सिस्टम से मिली सूचना पर कोंडागांव जिले की टीम ने 600 बैग (231.5 क्विंटल) अवैध धान तुरंत मौके पर पहुंचकर जब्त किया। सीमावर्ती जिलों में बढ़ी निगरानी और अलर्ट-रिस्पॉन्स तंत्र के कारण दूसरे राज्यों से होने वाली अवैध आमद पर प्रभावी रोक लगी है।
इसी क्रम में, रात्री गश्त के दौरान ग्राम त्रिशूली (थाना सनवाल क्षेत्र) में एक शेड से 222 कट्टा (88.8 क्विंटल) धान बरामद किया गया। विवाद की स्थिति को देखते हुए दिन में फिर से टीम ने जांच कर धान की विधिवत जब्ती की।
सतत निगरानी से अवैध धान परिवहन पर काबू
खाद्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, धान खरीदी व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के लिए रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है। पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त कार्रवाई से अवैध परिवहन पर रोक लगाने में लगातार सफलता मिल रही है।
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