प्रभारी पुलिस अधीक्षक ने ली अपराध समीक्षा बैठक
बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में शुक्रवार, 28 नवंबर 2025 को प्रभारी पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार खिलारी (भापुसे) ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभागार में सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना–चौकी प्रभारियों की अपराध समीक्षा बैठक ली। बैठक में जिले के विभिन्न थानों में लंबित अपराध, लंबित मर्ग, लंबित चालान और शिकायतों की विस्तृत समीक्षा की गई।

पुराने लंबित प्रकरणों पर नाराज़गी
समीक्षा के दौरान पुलिस अधीक्षक ने अत्यधिक समय से लंबित मामलों पर नाराज़गी व्यक्त की। उन्होंने थाना–चौकी प्रभारियों और विवेचकों को फटकार लगाते हुए निर्धारित समय सीमा में शीघ्र प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वर्षांत के मद्देनज़र सभी प्रभारियों को लंबित मामलों के अधिकतम निराकरण का लक्ष्य सौंपा गया।
कानूनी प्रक्रिया में समयबद्धता पर जोर
बैठक में निर्देश दिया गया कि गिरफ्तार आरोपियों को समय पर न्यायालय में पेश किया जाए तथा यदि किसी कारणवश उन्हें हवालात में रखना पड़े तो सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए। महिला एवं बच्चों से जुड़े मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए त्वरित और कठोर कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए।

थाना निरीक्षण और दस्तावेज़ों की समीक्षा का आदेश
प्रभारी पुलिस अधीक्षक ने राजपत्रित अधिकारियों को नियमित थाना विजिट कर लंबित अपराध डायरी, मर्ग डायरी और लंबित चालान की समीक्षा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फाइल योग्य मर्ग डायरियों को तत्काल फाइल किया जाए और जिन मर्ग पर अपराध दर्ज होना है, उनमें तुरंत अपराध पंजीबद्ध किया जाए। वरिष्ठ कार्यालय से प्राप्त शिकायतों की जांच कर तुरंत रिपोर्ट भेजने के भी निर्देश दिए गए।
अभियान चलाकर निराकरण के निर्देश
उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्ष 2025 समाप्त होने से पहले लंबित मामलों का शत-प्रतिशत निराकरण लक्ष्य होना चाहिए। वरिष्ठ कार्यालय से प्राप्त सभी लंबित शिकायतों का अभियान चलाकर समाधान करने निर्देशित किया गया। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्वदीपक त्रिपाठी, एसडीओपी रामानुजगंज बाजीलाल सिंह, एसडीओपी कुसमी इमानुएल लकड़ा, एसडीओपी बलरामपुर मोहम्मद याकूब मेनन सहित सभी थाना–चौकी प्रभारी एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।