मुंगेली, 02 जनवरी 2026।
मुख्यमंत्री के संकल्प के अनुरूप 31 मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को बाल विवाह मुक्त बनाने के लक्ष्य के तहत जिला प्रशासन मुंगेली द्वारा सशक्त और बहुआयामी अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर श्री कुन्दन कुमार के मार्गदर्शन में यह अभियान जिलेभर में संचालित है, जिसमें शैक्षणिक संस्थान, धार्मिक स्थल, सामाजिक संगठन, व्यापारिक संघ, डीजे एवं बैंड संचालकों को शामिल कर जागरूकता बढ़ाई जा रही है। अभियान का उद्देश्य बाल विवाह जैसी सामाजिक कुप्रथा को समय रहते रोकना और समाज को इसके दुष्परिणामों से अवगत कराना है।
जिला प्रशासन के अनुसार, लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ शिविरों के माध्यम से बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलाई जा रही है, ताकि समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित हो सके। यह पहल जिले को बाल विवाह मुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम के रूप में देखी जा रही है।

100 दिवसीय विशेष जागरूकता अभियान
बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत जिले में आगामी 100 दिनों तक विशेष जागरूकता एवं गतिविधि आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। यह अभियान 08 मार्च 2026 तक संचालित किया जाएगा। इसके तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में बैठकों, संवाद कार्यक्रमों और जनसम्पर्क गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों को बाल विवाह के कानूनी प्रावधानों और सामाजिक प्रभावों की जानकारी दी जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि निर्धारित समय-सीमा से पहले लक्ष्य प्राप्त करने के लिए जिला स्तरीय टीम लगातार निगरानी और समन्वय के साथ कार्य कर रही है। अभियान के दौरान बाल संरक्षण से जुड़े विभागों की सक्रिय भूमिका सुनिश्चित की गई है।
धार्मिक व सामाजिक संस्थाओं की भागीदारी
इसी क्रम में मुंगेली स्थित चर्च में जिला बाल संरक्षण अधिकारी श्रीमती अंजूबाला शुक्ला द्वारा समाज के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में उन्होंने बाल विवाह के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों पर विस्तार से जानकारी दी। साथ ही उपस्थित लोगों को बाल विवाह नहीं कराने और इसकी सूचना प्रशासन तक पहुंचाने का संकल्प दिलाया गया।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि बाल विवाह की सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी और संबंधित प्रावधानों के तहत आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस अभियान में सहयोग करें और बाल विवाह रोकथाम के लिए जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं।
अधिक जानकारी या शिकायत के लिए नागरिक जिला बाल संरक्षण इकाई, महिला एवं बाल विकास विभाग या संबंधित तहसील कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।