दिनांक: 19 फरवरी 2026 | स्थान: दलाल स्ट्रीट, मुंबई
आज भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) में एक ‘ब्लैक थर्सडे’ (Black Thursday) जैसी स्थिति देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में जो बाजार तेजी के साथ खुला था, वह दिन चढ़ने के साथ ही ताश के पत्तों की तरह बिखर गया। दलाल स्ट्रीट पर अचानक आई इस बिकवाली की आंधी में निवेशकों के करीब ₹4 लाख करोड़ एक ही झटके में स्वाहा हो गए।
📊 आज के कारोबार का सटीक आकलन (Market Overview)
आज के दिन बाजार में चौतरफा बिकवाली (Broad-based selloff) का दबाव दिखा। प्रमुख सूचकांक अपने अहम सपोर्ट लेवल को तोड़ते हुए नीचे आ गए: सूचकांक (Index) गिरावट (Points) वर्तमान स्तर (अनुमानित) BSE Sensex ~900 – 1000 अंक (लगभग 1.2%) 82,700 – 82,900 के बीच NSE Nifty 50 ~250 – 300 अंक (लगभग 1%) 25,500 – 25,600 के बीच सेक्टोरल प्रभाव:

- ऑटो, एफएमसीजी और मीडिया: इन सेक्टर्स में सबसे ज्यादा मार पड़ी है। निफ्टी ऑटो (Nifty Auto), एफएमसीजी (FMCG) और रियल्टी इंडेक्स में 1% से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई।
- हैवीवेट शेयरों का हाल: रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance), महिंद्रा एंड महिंद्रा (M&M), इंडिगो (IndiGo), और अल्ट्राटेक सीमेंट जैसे दिग्गज शेयरों में भारी दबाव देखा गया।
📉 मार्केट क्रैश के 5 प्रमुख कारण (Why Did the Market Crash?)
शेयर बाजार के जानकारों और आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, आज के इस बड़े ‘मार्केट क्रैश’ के पीछे मुख्य रूप से 5 कारण जिम्मेदार हैं: - 1. उच्च स्तर पर मुनाफावसूली (Profit Booking): पिछले तीन-चार कारोबारी सत्रों से बाजार लगातार हरे निशान में बंद हो रहा था। कंपनियों के तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे और बजट जैसे इवेंट्स के बाद अब कोई बड़ा घरेलू ट्रिगर नहीं बचा था, जिसके चलते निवेशकों ने ऊंचे स्तरों पर अपना मुनाफा काटना (Profit Booking) मुनासिब समझा।
- 2. विदेशी निवेशकों की वापसी (FIIs Net Sellers):
फरवरी के शुरुआती हफ्तों में खरीदारी करने के बाद, विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) फिर से बिकवाली के मूड में आ गए हैं। विदेशी पैसों की निकासी ने बाजार के सेंटीमेंट को बुरी तरह प्रभावित किया। - 3. अमेरिकी फेडरल रिजर्व के मिश्रित संकेत (US Fed Signals):
अमेरिका में महंगाई दर के आंकड़ों और हाल ही में आए अमेरिकी जॉब डेटा ने बाजार की चिंताएं बढ़ा दी हैं। अब यह आशंका तेज हो गई है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों (Interest Rates) में कटौती करने में और देरी कर सकता है। इससे ग्लोबल मार्केट का मूड खराब हुआ। - 4. तकनीकी शेयरों पर AI का खौफ (Tech Sector Pressure):
वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) कंपनियों (जैसे Anthropic आदि) के नए टूल्स के आने से आईटी सेक्टर की पारंपरिक कार्यप्रणाली पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। इस डर से ग्लोबल और घरेलू टेक/आईटी शेयरों में लगातार सतर्कता और बिकवाली देखने को मिल रही है। - 5. इंडिया VIX (India VIX) में भारी उछाल:
बाजार में डर और अस्थिरता को मापने वाले इंडेक्स ‘India VIX’ में आज इंट्राडे में 9% से ज्यादा का भारी उछाल आया। बढ़ता हुआ VIX सीधे तौर पर निवेशकों की घबराहट और बाजार की अनिश्चितता को दर्शाता है।
निष्कर्ष:
कुल मिलाकर, वैश्विक चिंताओं, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और स्थानीय स्तर पर प्रॉफिट बुकिंग के ‘परफेक्ट स्टॉर्म’ ने आज बाजार को बुरी तरह झकझोर दिया। विशेषज्ञों की सलाह है कि बाजार में इस अस्थिरता के बीच निवेशकों को ‘बाय ऑन डिप्स’ (Buy on Dips) यानी गिरावट पर अच्छे शेयर चुनने की रणनीति अपनानी चाहिए, लेकिन बेहद सावधानी के साथ।