मुंगेली, 20 दिसंबर 2025। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) अंतर्गत बिहान योजना के तहत जिला पंचायत सभाकक्ष में कृषि सखी एवं पशु सखी का एक दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य ग्रामीण स्तर पर कृषि एवं पशुपालन गतिविधियों को सशक्त बनाते हुए महिलाओं की आजीविका संवर्धन क्षमता को मजबूत करना रहा।

कार्यक्रम में कृषि, उद्यानिकी सहित विभिन्न लाइन डिपार्टमेंट के अधिकारी एवं विषय विशेषज्ञ उपस्थित रहे। प्रशिक्षण के दौरान असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. सेवन दास एवं श्री चेतन दास कुर्रे ने बीज शुद्धिकरण, भूमि शुद्धिकरण तथा इंटीग्रेटेड फार्मिंग क्लस्टर जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। साथ ही मृदा जांच और पादप पोषक तत्व प्रबंधन के महत्व एवं उसके व्यावहारिक उपयोग पर भी प्रशिक्षणार्थियों को अवगत कराया गया।
उद्यानिकी योजनाओं से आयवर्धन पर जोर
उद्यानिकी विभाग की डॉ. पूजा पहारे ने उद्यानिकी योजनाओं, फसल विविधीकरण एवं आय बढ़ाने की संभावनाओं पर विस्तृत जानकारी देते हुए कृषि सखी एवं पशु सखी को मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक तरीके से खेती एवं उद्यानिकी अपनाकर ग्रामीण स्तर पर बेहतर आमदनी प्राप्त की जा सकती है।
इस अवसर पर एनआरएलएम के जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री बालेंद्र मिश्रा ने कृषि सखी एवं पशु सखी की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि ग्रामीण स्तर पर आजीविका संवर्धन में उनका योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ कृषि एवं पशुपालन क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने में सहायक सिद्ध हो रहे हैं।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने विषय विशेषज्ञों से संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान प्राप्त किया और प्राप्त ज्ञान को जमीनी स्तर पर लागू करने का संकल्प लिया।