अमित जोगी ने CBI निदेशक को लिखा पत्र, 1.5 लाख करोड़ के कथित घोटाले की जांच की मांग
रायपुर। जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने छत्तीसगढ़ के कथित 1.5 लाख करोड़ रुपये के वित्तीय घोटाले पर गंभीर आरोप लगाते हुए सीबीआई निदेशक को औपचारिक पत्र भेजा है। उन्होंने इस पूरे मामले की तत्काल केंद्रीय जांच की मांग की है।
अमित जोगी ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि यह राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला है, जो सार्वजनिक संपत्ति और भविष्य की राजस्व हानि से सीधे जुड़ा है।

जोगी ने पत्र में उठाई प्रमुख मांगें
घोटाले की तत्काल सीबीआई जांच
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा
सभी कथित दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
अमित जोगी के अनुसार घोटाले का आकार
नगरनार स्टील प्लांट: 26,000 करोड़
बैलाडिला खदानें: 85,000 करोड़
भविष्य का राजस्व नुकसान: 40,000 करोड़
कुल राशि: 1.5 लाख करोड़ रुपये
वादे बनाम वास्तविकता
3 अक्टूबर 2023: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी—“प्लांट का निजीकरण नहीं होगा”
29 अक्टूबर 2025: एनएमडीसी रिपोर्ट—“विनिवेश जारी है”
एनएमडीसी से लेकर मंत्रालयों तक: कथित टाइमलाइन
29 अक्टूबर – एनएमडीसी ने 90% शेयर बेचने की मंजूरी
1 नवंबर – पर्यावरण मंत्रालय ने पाइपलाइन मंजूरी दी
7 नवंबर – इस्पात मंत्रालय ने अंतिम मंजूरी जारी की
9 नवंबर – तीन राज्यों में भूमि अधिग्रहण अधिसूचना
जोगी के अनुसार चौंकाने वाले आरोप
120 करोड़ का कोयला आयात घोटाला
गैर-मौजूद अमेरिकी कंपनी से अनुबंध
वित्तीय हेराफेरी के ठोस दस्तावेज
चार प्रमुख मांगें
1. तत्काल सीबीआई जांच
2. निजीकरण के सभी प्रस्ताव वापस लिए जाएं
3. एनएमडीसी सीएमडी सार्वजनिक माफी दें
4. नगरनार प्लांट को स्थायी सार्वजनिक इकाई घोषित करने की कानूनी गारंटी
15 दिन का अल्टीमेटम
अमित जोगी ने चेतावनी दी कि यदि 15 दिनों के भीतर सरकार और संबंधित एजेंसियों ने कार्रवाई नहीं की, तो पूरे छत्तीसगढ़ में ऐतिहासिक जन आंदोलन किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक प्लांट का मुद्दा नहीं, बल्कि “छत्तीसगढ़ की आत्मा और स्वर्गीय अजीत जोगी के सपने की लड़ाई” है।

