मुंगेली। छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने मुंगेली जिले स्थित अचानकमार टाइगर रिजर्व का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जंगल सफारी का आनंद लिया और वनांचल की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना की। उन्होंने प्राकृतिक वातावरण में वन्य जीवों के संरक्षण को प्रोत्साहित करने की बात कही।
दौरे के दौरान राज्यपाल ने आदिवासी अंचल की महिलाओं द्वारा तैयार की गई कलाकृतियों की प्रशंसा की। उन्होंने बैगा और गोंड जनजाति की पारंपरिक ट्राइबल पेंटिंग्स तथा स्थानीय हस्तशिल्प को विशेष रूप से सराहा।

राज्यपाल ने सिहावल क्षेत्र में वन्य प्राणी संरक्षण को मजबूत करने के लिए आवश्यक सुविधाएं बढ़ाने के निर्देश दिए। साथ ही जंगली हाथियों के प्रशिक्षण एवं प्रबंधन के लिए भी आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। डीडी एटीआर ने बताया कि यह क्षेत्र हिरण, हाथी और टाइगर सहित कई वन्य प्राणियों के विचरण का प्रमुख क्षेत्र है। सिहावल क्षेत्र को मनियारी नदी का उद्गम स्थल भी माना जाता है।

इस अवसर पर कलेक्टर कुन्दन कुमार ने राज्यपाल को जनजातीय कला पर आधारित स्मृति चिन्ह और प्राकृतिक कोसे से निर्मित शॉल भेंट कर सम्मानित किया।

कार्यक्रम में फील्ड डायरेक्टर अभिषेक सिंह, एडीसी ओम भविष्यकर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल, डीडी एटीआर यू.आर. गणेशन, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत प्रभाकर पांडेय सहित स्वास्थ्य, लोक निर्माण, फूड और राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।