आगर नदी किनारे अवैध लाल ईंट भट्ठों की भरमार, प्रशासन बेखबर

पथरिया। मूँगेली जिले के पथरिया जनपद क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गंधीरवाड़ीह, मुंडा देवरी, मझरेटा, कोकड़ी, कुकसदा, पथरिया और सिलतरा सहित आसपास के गांवों में आगर नदी तट के किनारे बड़े पैमाने पर अवैध रूप से लाल ईंट भट्ठों का संचालन किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि इन भट्ठों का संचालन बिना आवश्यक अनुमति और पर्यावरणीय स्वीकृति के किया जा रहा है, जिससे नदी तट की प्राकृतिक संरचना और पर्यावरण को गंभीर क्षति पहुंच रही है।


नदी तट की खुदाई, हरियाली पर प्रहार

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, भट्ठा संचालकों द्वारा नदी किनारे की उपजाऊ मिट्टी की बड़े स्तर पर खुदाई की जा रही है। इससे एक ओर नदी तट का लगातार क्षरण हो रहा है, वहीं दूसरी ओर आसपास की कृषि भूमि और हरित क्षेत्र प्रभावित हो रहे हैं।

भट्ठों से निकलने वाले धुएं और प्रदूषण के कारण क्षेत्र की वायु गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है, जिससे ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।


बाहरी जिलों से आए संचालक, प्रशासन अनजान?

ग्रामीणों का कहना है कि रीवा सहित अन्य जिलों से आए कुछ लोगों द्वारा इन ईंट भट्ठों का संचालन किया जा रहा है। आश्चर्य की बात यह है कि इतने बड़े पैमाने पर चल रहे इस कथित अवैध कारोबार की जानकारी न तो खनिज विभाग को है और न ही जिला प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई की गई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि अब तक न तो किसी प्रकार की जांच की गई है और न ही छापामार कार्रवाई, जिससे भट्ठा संचालकों के हौसले बुलंद हैं।


पर्यावरणीय नियमों की खुली अवहेलना

विशेषज्ञों का मानना है कि नदी तट से बिना अनुमति मिट्टी खनन करना और ईंट भट्ठों का संचालन करना पर्यावरण संरक्षण नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है। यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में बाढ़, भू-क्षरण, जलस्रोतों के सूखने और कृषि उत्पादन में गिरावट जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।


प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल

सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि इतने बड़े पैमाने पर अवैध गतिविधियां संचालित होने के बावजूद संबंधित विभाग और प्रशासन मौन क्यों हैं? क्या यह लापरवाही है या फिर मिलीभगत?

यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो पर्यावरणीय नुकसान की भरपाई कर पाना मुश्किल होगा।


ग्रामीणों का कहना है कि

  • तत्काल जांच दल गठित कर अवैध भट्ठों की जांच की जाए।
  • बिना अनुमति संचालित भट्ठों को सील किया जाए।
  • नदी तट की खुदाई पर तत्काल रोक लगाई जाए।
  • संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में कब तक कार्रवाई करता है, या फिर अवैध भट्ठों का धुआं यूं ही पर्यावरण और कानून व्यवस्था को चुनौती देता रहेगा।

इस पूरे मामले में पथरिया  अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीमति रेखा चन्द्रा ने कहा है कि आप लोगों ने अवगत कराया है जांच कर विधि अनुसार कार्यवाही की जाएगी।।

Nawabihan
Author: Nawabihan

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