बिलासपुर, 26 जनवरी 2026
जम्मो महतारी, बहिनी, सियान, जवान अउ लइका मन ला जय जोहार।
आज हम सब मिलकर भारत के 77वें गणतंत्र दिवस का पावन पर्व अत्यंत हर्ष, उल्लास और गौरव के साथ मना रहे हैं। इस शुभ अवसर पर मैं छत्तीसगढ़ की समस्त जनता को गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित करता हूं।
जहां तक मेरी दृष्टि जाती है, चारों ओर तिरंगे की शान लहराती दिखाई दे रही है। मां भारती की प्रत्येक संतान के चेहरे पर राष्ट्रप्रेम का उत्साह स्पष्ट झलक रहा है। प्रत्येक नागरिक के हृदय में राष्ट्र निर्माण के संकल्प की ज्योति प्रज्वलित है। ऐसे समर्पित नागरिकों को मैं इस राष्ट्रीय पर्व पर सादर नमन करता हूं।

गणतंत्र दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि यह उन महान स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को स्मरण करने का अवसर भी है, जिन्होंने कठिन संघर्ष और त्याग के माध्यम से हमें स्वतंत्रता दिलाई और भारत को विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक गणराज्य बनाया। आज हम उन सभी ज्ञात-अज्ञात वीरों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हैं।
आज के दिन हम अपने संविधान निर्माताओं को भी स्मरण करते हैं। बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा निर्मित हमारा संविधान समानता, स्वतंत्रता और बंधुत्व के मूल्यों पर आधारित है। यह संविधान बाबा गुरु घासीदास जी के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश को आत्मसात करता है। भारतीय परंपरा में तुलसीदास और कबीरदास जैसे संतों ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को सर्वोच्च स्थान दिया, और हमारा संविधान प्रत्येक नागरिक को यह अधिकार सुनिश्चित करता है।
भारतीय गणतंत्र ने एक ऐसे खुले समाज की स्थापना की है, जहां प्रत्येक नागरिक राष्ट्र निर्माण में अपने विचार और योगदान दे सकता है। आज के दिन हम संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों और कर्तव्यों दोनों का उत्सव मनाते हैं।
हाल ही में छत्तीसगढ़ राज्य ने अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण कर रजत जयंती मनाई है। हमारे पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी ने हमें छत्तीसगढ़ राज्य का उपहार दिया। उनके जन्मशताब्दी वर्ष को हमने ‘अटल निर्माण वर्ष’ के रूप में मनाया।
इस अवसर पर लोकतंत्र के मंदिर, हमारे नवनिर्मित विधानसभा भवन का लोकार्पण यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के करकमलों से संपन्न हुआ। यह भवन धान की बालियों की आकृति, बस्तर और सरगुजा की लोककला तथा छत्तीसगढ़ी संस्कृति का सजीव प्रतीक है। इसकी वास्तुकला में छत्तीसगढ़ की माटी की सुगंध और अस्मिता स्पष्ट झलकती है।
25 वर्ष पूर्व रायपुर के राजकुमार कॉलेज स्थित जशपुर हॉल में विधानसभा का पहला सत्र आयोजित हुआ था। आज हमारी विधानसभा ने भी अपनी समृद्ध लोकतांत्रिक परंपरा की रजत जयंती मनाई है, जिसकी अनेक परंपराओं का अनुकरण अन्य राज्यों ने भी किया है।
इस वर्ष हमने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं जयंती भी मनाई। सुकमा के कोंटा से लेकर मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के सीतामढ़ी हरचौका तक पूरे प्रदेश में वंदे मातरम् का सामूहिक गायन हुआ। यह बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को सच्ची श्रद्धांजलि है।
यह वर्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी की 125वीं जयंती का भी है। एक राष्ट्र, एक विधान, एक निशान के सिद्धांत के लिए उनका बलिदान अमर है। जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाया जाना राष्ट्र की ओर से उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है।
हमने जनजातीय गौरव दिवस पर धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती भी मनाई। छत्तीसगढ़ की धरती जनजातीय संघर्ष और बलिदान की साक्षी रही है। शहीद वीर नारायण सिंह जैसे नायकों के योगदान को डिजिटल माध्यम से संजोने हेतु देश का पहला डिजिटल जनजातीय संग्रहालय स्थापित किया गया है।
आज मैं हमारे वीर जवानों को भी नमन करता हूं, जिन्होंने माओवाद के खतरे से प्रदेश को मुक्त करने के लिए अदम्य साहस दिखाया। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह जी के मार्गदर्शन में अपनाई गई रणनीति के परिणामस्वरूप माओवाद अब अंतिम चरण में है। मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को पूर्णतः माओवाद मुक्त करने का लक्ष्य लगभग साकार होने जा रहा है।
जो लोग भटक गए थे, वे अब मुख्यधारा में लौट रहे हैं। उन्होंने हथियार छोड़कर संविधान को अपनाया है। बस्तर कैफे जैसी पहलें इस परिवर्तन का जीवंत उदाहरण हैं। आज बस्तर में विकास का सूरज उग चुका है।
कृषि के क्षेत्र में हमने किसानों को सर्वोत्तम मूल्य दिलाया है। धान खरीदी 5 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 149 लाख मीट्रिक टन तक पहुंची है। दो वर्षों में किसानों के खातों में डेढ़ लाख करोड़ रुपये अंतरित किए गए हैं। अटल सिंचाई योजना के अंतर्गत 115 लंबित परियोजनाओं को पूर्ण किया जा रहा है।
महिला सशक्तीकरण हेतु महतारी वंदन योजना के अंतर्गत 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह एक हजार रुपये की सहायता दी जा रही है। अब तक लगभग 15 हजार करोड़ रुपये सीधे खातों में पहुंच चुके हैं।
शिक्षा, स्वास्थ्य, उद्योग, ऊर्जा, पर्यटन, खेल, नगरीय विकास और डिजिटल गवर्नेंस—हर क्षेत्र में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय प्रगति की है। 15 मेडिकल कॉलेज, स्मार्ट क्लास, आईटीआई उन्नयन, एआई डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर यूनिट, निवेश सम्मेलनों से प्राप्त 7.83 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव—ये सभी विकसित छत्तीसगढ़ की दिशा में मजबूत कदम हैं।
छत्तीसगढ़ पुलिस के जवानों के अद्वितीय योगदान के लिए मैं राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पदक प्रदान करने की घोषणा करता हूं।
अंत में, विकसित छत्तीसगढ़ के लिए तैयार ‘अंजोर विजन’ के अनुरूप हम निरंतर आगे बढ़ते रहेंगे। जनभागीदारी से छत्तीसगढ़ महतारी को संवारते रहेंगे।
आप सभी को पुनः गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं।
जय भारत, जय छत्तीसगढ़।