छत्तीसगढ़ की तीन विभूतियों को पद्मश्री

रायपुर, 25 जनवरी 2026। केंद्र सरकार ने वर्ष 2026 के पद्म पुरस्कारों की घोषणा की है, जिसमें छत्तीसगढ़ की तीन हस्तियों का चयन पद्मश्री सम्मान के लिए किया गया है।

समाजसेवा के क्षेत्र में योगदान के लिए दंतेवाड़ा की समाजसेविका बुधरी ताती तथा चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में कार्यरत डॉ. रामचंद्र त्रयम्बक गोडबोले और सुनीता गोडबोले को पद्मश्री प्रदान किया जाएगा। डॉ. गोडबोले दंपत्ति को यह सम्मान संयुक्त रूप से मिलेगा।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने पद्मश्री के लिए चयनित तीनों विभूतियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इसे छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय बताया है।

गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर घोषित पद्म पुरस्कार सूची में छत्तीसगढ़ की इन हस्तियों का नाम शामिल होना राज्य के लिए सम्मानजनक माना गया है। सभी चयनित व्यक्ति बस्तर अंचल के दूरस्थ क्षेत्रों में लंबे समय से सेवा कार्य कर रहे हैं।

दंतेवाड़ा जिले के हीरानार ग्राम निवासी बुधरी ताती को महिला सशक्तिकरण, आदिवासी उत्थान और समाजसेवा के लिए पद्मश्री दिया जाएगा। वे वर्ष 1984 से वनांचल क्षेत्रों में नशामुक्ति, साक्षरता, सामाजिक जागरूकता तथा महिलाओं और बालिका शिक्षा के लिए कार्य कर रही हैं। अब तक वे 500 से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बना चुकी हैं।

चिकित्सा सेवा के क्षेत्र में डॉ. रामचंद्र त्रयम्बक गोडबोले और सुनीता गोडबोले को उनके योगदान के लिए पद्मश्री से सम्मानित किया जाएगा। दोनों पिछले 37 वर्षों से अधिक समय से बस्तर और अबूझमाड़ जैसे दुर्गम आदिवासी क्षेत्रों में निःशुल्क चिकित्सा सेवा दे रहे हैं।

‘ट्रस्ट फॉर हेल्थ’ के माध्यम से दोनों ने स्वास्थ्य जागरूकता, कुपोषण उन्मूलन और प्राथमिक उपचार को दूरस्थ गांवों तक पहुंचाया है। वे सीमित साधनों के सहारे इन क्षेत्रों में पहुंचकर नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करते हैं।

पद्मश्री के लिए छत्तीसगढ़ की इन विभूतियों का चयन राज्य की सेवा भावना और सामाजिक प्रतिबद्धता को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है।

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Author: Nawabihan

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