धान खरीदी केंद्र लौदा में ,प्रभारी द्वारा मीडिया कर्मियों से बदसलुकी

मुंगेली।
पथरिया जनपद पंचायत अंतर्गत धान खरीदी केंद्र लौदा में धान खरीदी व्यवस्था को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा संचालित धान खरीदी कार्य की वास्तविक स्थिति जानने और किसानों से बातचीत करने के लिए जब मीडिया कर्मी केंद्र पहुंचे, उसी दौरान विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।

मीडिया कर्मी केंद्र में मौजूद किसानों से यह जानकारी ले रहे थे कि वे किस गांव से आए हैं, कितना धान लेकर आए हैं और वजन किस प्रकार किया जा रहा है। बातचीत के दौरान किसानों ने  बताया  कि धान खरीदी में प्रति बोरी लगभग 41किलो 200 ग्राम से 41 से 500 ग्राम तक वजन लिया जा रहा है,

AI प्रतीकात्मक फोटो



इसी बीच धान खरीदी केंद्र के प्रभारी निखिल सोनी मौके पर पहुंचे और किसानों को कथित रूप से डराना-धमकाना शुरू कर दिया। किसानों से  प्रभारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि वे “धान  ढेरी ” नहीं लगाएंगे तो उनका धान नहीं खरीदा जाएगा। किसानों द्वारा अतिरिक्त वजन लिए जाने की बात पर प्रभारी आपा खो बैठे और स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई।

इस दौरान प्रभारी निखिल सोनी ने मौके पर मौजूद किसानों को मीडिया कर्मियों के खिलाफ भड़काए और किसानों को धान नहीं खरीदी करने के बात से डरा दिए  जिससे किसान मीडिया कर्मियों से विवाद करने लगे, प्रभारी ने खरीदी केंद्र में कुछ ऐसे भी व्यक्ति रख रखे हैं जो मीडिया कर्मियों के साथ  बदतमीजी करते है, खरीदी प्रभारी पूरे विवाद का वीडियो रिकॉर्ड किया। बाद में उसी वीडियो को विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों में वायरल किया गया। मीडिया कर्मियों का कहना है कि वीडियो वायरल करने का उद्देश्य दबाव बनाना और सच्चाई उजागर होने से रोकना है।

केंद्र में कुछ चुनिंदा युवकों को जानबूझकर बैठाया गया है, जिन्हें मीडिया कर्मियों के आने पर उनके साथ दुर्व्यवहार करने के लिए उकसाया जाता है।  इस तरह की हरकतों से न केवल खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है, बल्कि किसानों और मीडिया दोनों को डराने का माहौल बनाया जा रहा है।

धान खरीदी जैसे संवेदनशील कार्य में इस प्रकार के आरोप सामने आना प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।  लौदा धान खरीदी प्रभारी पूर्व में भी कई मीडिया कर्मियों के साथ भी ऐसा कर चुके है, किसानों को पूरी तरह से डरा धमका कर रखे है जिससे किसान उनके खिलाफ कुछ भी नहीं बोलते है, किसान कुछ नहीं बोलने को  मजबूर भी हैं क्योंकि कि किसानों को साल भर धन खरीदी केंद्र में खाद ,बीज, ऋण इत्यादि के लिए काम पड़ता है जिसका फायदा ये धान खरीदी प्रभारी उठाते हैं।

इस संबंध में मीडिया कर्मियों ने पथरिया से SDM से मुलाकात घटना का जानकारी दिया है।

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Author: Nawabihan

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