रायपुर, 29 नवम्बर 2025। किसानों की आय बढ़ाने और दलहन-तिलहन उत्पादन को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) के तहत समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन खरीदी की तैयारी पूर्ण कर ली गई है। सहकारी समितियों के माध्यम से होने वाली इस खरीदी से किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। शासन ने अरहर, मूंग, उड़द, सोयाबीन, मूंगफली, सरसों, चना और मसूर की खरीदी हेतु फसलवार तिथियां घोषित कर दी हैं।

उपार्जन की निर्धारित तिथियां
अधिसूचना के अनुसार—
- अरहर एवं सरसों: 15 फरवरी से 15 मई 2026
- मूंग, उड़द, मूंगफली, सोयाबीन: 1 दिसम्बर से 28 फरवरी 2026
- चना एवं मसूर: 1 मार्च से 30 मई 2026
खरीदी कार्य के लिए नाफेड उपार्जन एजेंसी के रूप में कार्य करेगी।
पंजीकरण अनिवार्य, प्रति एकड़ सीमा तय
कृषि विभाग ने खरीफ और रबी दोनों मौसमों में दलहन-तिलहन उपार्जन की तैयारी शुरू कर दी है। शासन द्वारा प्रति एकड़ उपार्जन की अधिकतम सीमा निर्धारित की गई है।
समर्थन मूल्य पर फसल बेचने के इच्छुक किसानों को कृषि विभाग के एकीकृत किसान पोर्टल पर अनिवार्य पंजीकरण करना होगा। नाफेड इसी पंजीयन डेटा के आधार पर उपार्जन और भुगतान की पूरी प्रक्रिया संचालित करेगा।
रबी फसलों का रकबा बढ़ने की उम्मीद
भारत सरकार और राज्य शासन की इस पहल से किसानों में उत्साह है। रबी सीजन में चना, मसूर और सरसों की खरीदी से उन क्षेत्रों में रकबा बढ़ने की संभावना है, जहां अब तक मुख्य रूप से खरीफ में केवल धान की खेती होती थी।
किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए कृषि विभाग द्वारा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन, नेशनल मिशन ऑन ऑयलसीड, द्वि-फसलीय क्षेत्र विस्तार कार्यक्रम और आत्मा योजना के तहत अनुदान सहायता भी प्रदान की जा रही है।
कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी उपज को समर्थन मूल्य पर विक्रय कर इसका लाभ उठाएं।