रायपुर, 29 नवम्बर 2025। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत अपूर्ण मकानों को पूर्ण दिखाने की गलत रिपोर्टिंग मामले में जिला पंचायत गरियाबंद ने 4 आवास मित्रों और 1 रोजगार सहायक की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दीं। यह कार्रवाई कलेक्टर के निर्देश पर विभिन्न ग्राम पंचायतों में निरीक्षण के दौरान गड़बड़ी उजागर होने के बाद की गई।
निरीक्षण में उजागर हुई गड़बड़ी
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के निर्देश पर जिला स्तरीय टीम को कई ग्राम पंचायतों में आवास निर्माण की वास्तविक स्थिति की जांच के लिए भेजा गया था।
टीम ने खजूरपदर, उसरीजोर, सरईपानी, नवापारा, बजाड़ी, मुचबहाल और धोबनमाल में निरीक्षण किया, जहां पाया गया कि कई हितग्राहियों के आवास अभी भी अधूरे थे। इसके बावजूद संबंधित आवास मित्रों और रोजगार सहायकों ने अन्य व्यक्तियों के आवास का जियोटैग कर उन्हें पूर्ण दिखा दिया था।

पांच कर्मचारियों की सेवा समाप्त, कई पर नोटिस
गंभीर लापरवाही को देखते हुए सरईपानी, नवापारा, बजाड़ी और मुचबहाल के आवास मित्रों तथा धोबनमाल के रोजगार सहायक की सेवाएं समाप्त कर दी गईं।
इसके साथ ही मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत मैनपुर, विकासखंड समन्वयक (पीएम आवास ग्रामीण), तकनीकी सहायक (मनरेगा) सहित संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच और सचिव को भी कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया गया है।
तकनीकी सहायक को बिना परीक्षण जियोटैग सत्यापन में लापरवाही बरतने पर अलग से नोटिस दिया गया है।
प्रशासन का सख्त रुख
कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री आवास योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने के लिए मॉनिटरिंग सिस्टम और कड़ा किया जाएगा।