रायपुर, 15 नवम्बर 2025।
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में आज समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का विधिवत शुभारंभ हुआ। राज्यभर के उपार्जन केन्द्रों में किसानों का तिलक लगाकर और पुष्प भेंट कर स्वागत किया गया। खरीदी केन्द्रों का वातावरण उत्सवमय नजर आया, और किसानों के चेहरों पर उत्साह एवं शासन के प्रति विश्वास स्पष्ट दिखाई दिया।
प्रदेश में पहले दिन 195 उपार्जन केन्द्रों में कुल 19,464 क्विंटल धान की खरीदी की गई। सरकार ने राज्य के सभी 2,739 उपार्जन केन्द्रों में खरीदी की तैयारियाँ पूर्ण कर ली हैं।
सहकारी समितियों के कर्मचारियों की आंशिक अवैध हड़ताल के कारण उपार्जन प्रभावित होने की आशंका उत्पन्न हुई थी, लेकिन शासन के निर्देश पर विपणन संघ द्वारा 2,739 आउटसोर्सिंग डेटा एंट्री ऑपरेटरों की तैनाती कर व्यवस्था को सुचारू रखा गया। कई जिलों में सहकारिता विभाग के कर्मचारियों ने भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए खरीदी कार्य जारी रखा।

शासन ने धान खरीदी में संलग्न कर्मचारियों को अत्यावश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (ESMA) के तहत अधिसूचित कर दिया है, जिससे उपार्जन निर्बाध रूप से संचालित हो सके।
इस वर्ष खरीदी प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी एवं किसान–उन्मुख बनाने के लिए उपार्जन केन्द्रों में ऑनलाइन टोकन एवं तुंहर टोकन प्रणाली लागू की गई है। आज जारी 2,029 टोकन में से 1,912 टोकन किसानों ने तुंहर टोकन के माध्यम से प्राप्त किए। लघु एवं सीमांत किसानों को अधिकतम 2, तथा दीर्घ किसानों को अधिकतम 3 टोकन की सुविधा दी गई है।
किसानों के लिए उपार्जन केन्द्रों में छाया, पीने का पानी और अन्य मूलभूत व्यवस्थाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। प्रत्येक केंद्र में प्रभारी के साथ नोडल अधिकारी की भी नियुक्ति की गई है, जिनके नाम एवं संपर्क नंबर प्रदर्शित कर दिए गए हैं। किसान किसी भी समस्या के लिए उनसे सीधे संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त, प्रदेश स्तरीय हेल्पलाइन 1800 233 3663 भी सक्रिय है।
धान खरीदी प्रक्रिया इस वर्ष पूर्णतः आधार-आधारित है। बायोमेट्रिक सत्यापन के माध्यम से किसान धान विक्रय कर रहे हैं। खाद्य विभाग ने राज्य स्तरीय उड़नदस्ते गठित किए हैं, जो उपार्जन केन्द्रों का औचक निरीक्षण कर अनियमितताओं को रोकने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं।
सभी केन्द्रों पर स्थानीय निगरानी समितियाँ, पीने का पानी, प्रसाधन, प्राथमिक उपचार पेटी इत्यादि की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। किसानों को सही तौल मिले इसके लिए इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीनों का उपयोग किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सभी कलेक्टरों और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसानों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता हो। उन्होंने खरीदी प्रक्रिया को व्यवस्थित, समयबद्ध और पूर्णतः पारदर्शी रूप से संचालित करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।