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मुंगेली। मध्यान्ह भोजन रसोइया संघ जिला मुंगेली, छत्तीसगढ़ (संबद्ध भारतीय मजदूर संघ) के विरोध प्रदर्शन के बाद जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा रसोइया हटाने संबंधी आदेश को तत्काल निरस्त करने का आश्वासन दिया गया है। साथ ही मुंगेली, पथरिया और लोरमी ब्लॉकों से निकाले गए रसोइयों को उनके पद पर पुनः बहाल करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
संघ के महामंत्री राजेंद्र मांडले ने बताया कि जिला शिक्षा अधिकारी मुंगेली द्वारा अचानक जारी आदेश में यह कहा गया था कि पी.एम. पोषण शक्ति निर्माण योजना की गाइडलाइन के अनुसार समूहों के माध्यम से रसोइयों की नियुक्ति की जाए और वर्तमान रसोइयों को हटाया जाए। यह आदेश संचालक लोक शिक्षा संचालनालय, इंद्रावती भवन नवा रायपुर के पुराने आदेश (दिनांक 10 अगस्त 2022) को आधार बनाकर जारी किया गया था।

संघ का आरोप है कि तीन साल पुराने आदेश को बहाना बनाकर रसोइयों के हितों पर प्रहार किया गया है, जिससे जिले के सैकड़ों रसोइयों में आक्रोश व्याप्त हो गया। संघ ने इसे “गरीब रसोइयों के पेट पर लात मारने जैसा” बताया।
आंदोलन की चेतावनी के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने संघ प्रतिनिधियों को आश्वासन दिया कि आदेश तत्काल निरस्त किया जाएगा और सभी निकाले गए रसोइयों को उनके पद पर पुनः बहाल किया जाएगा।
ज्ञापन कार्यक्रम में संघ के संरक्षक साहेबदास मानिकपुरी, महामंत्री राजेंद्र मांडले, उपाध्यक्ष गोवर्धन यादव, त्रिवेणी मिरी, सह मंत्री रामेश्वरी साहू, कोषाध्यक्ष सीमा गायकवाड़ सहित तीनों ब्लॉकों के रसोइया दीदी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
