जगदलपुर। बस्तर की सांस्कृतिक एकता, न्याय परंपरा और जनसंवाद की प्रतीक परंपरा “मुरिया दरबार” का आयोजन आज सिरहासार भवन, जगदलपुर में संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के साथ कार्यक्रम में शिरकत की।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि —
> “1876 में प्रारंभ हुआ ‘मुरिया दरबार’ बस्तर की सांस्कृतिक एकता, न्याय परंपरा और जनसंवाद की अमूल्य धरोहर है। यह न केवल परंपरा का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता और लोकशासन की सशक्त मिसाल भी है।”

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने मांझी-चालकी, मेंबर-मेम्बरीन तथा बस्तर दशहरा समिति के पदाधिकारियों से आत्मीय संवाद कर उनके परंपरागत विचारों, सुझावों और समस्याओं को सुना।
इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव, कैबिनेट मंत्री रामविचार नेताम, केदार कश्यप, राजेश अग्रवाल, लक्ष्मी राजवाड़े सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं स्थानीय पारंपरिक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
बस्तर का “मुरिया दरबार” जनभागीदारी और पारंपरिक न्याय व्यवस्था का जीवंत प्रतीक माना जाता है, जो आज भी जनसंवाद की भावना को बनाए हुए है।

