रायपुर, 05 सितंबर 2025। अबूझमाड़ के घने जंगलों और प्राकृतिक सौंदर्य से घिरे कच्चापाल जलप्रपात को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने शुक्रवार को बाइक और पैदल यात्रा कर जलप्रपात स्थल का निरीक्षण किया और इसे प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करने की दिशा में कार्य करने की घोषणा की।

वन मंत्री ने कहा कि अबूझमाड़ के पहाड़, जंगल और झरने यहां की पहचान हैं। कच्चापाल जलप्रपात का मनोहारी दृश्य, नदी-नाले और चारों ओर फैली हरियाली पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्थानीय ग्रामसभा को शामिल कर पर्यटन विकास की ठोस योजना बनाई जाए। साथ ही, आसपास के क्षेत्रों में स्व-सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराने की पहल की जाएगी।

इस अवसर पर वे विवेकानंद आश्रम कच्चापाल में शिक्षक दिवस कार्यक्रम में भी शामिल हुए। बच्चों ने संगीतमय स्वागत गीत प्रस्तुत कर मंत्री का अभिनंदन किया। मंत्री ने कहा कि माता-पिता प्रथम गुरु होते हैं और उनके दिखाए मार्ग पर चलकर जीवन को संवारना चाहिए। गुरुजन मोमबत्ती की तरह होते हैं, जो स्वयं जलकर दूसरों को प्रकाश देते हैं। उन्होंने बच्चों को कठिन परिश्रम और शिक्षा से अपने भविष्य को गढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में मांग पर उन्होंने वाद्ययंत्र और माइक सेट उपलब्ध कराने की घोषणा भी की।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष नारायण मरकाम, नगर पालिका अध्यक्ष इंद्र प्रसाद बघेल, एसडीएम अभयजीत मंडावी सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
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