बलरामपुर, 03 सितम्बर 2025। जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते विकासखंड बलरामपुर अंतर्गत ग्राम धनेशपुर स्थित लुत्ती डैम मंगलवार देर रात टूट गया। हादसे की सूचना मिलते ही कलेक्टर राजेंद्र कटारा, पुलिस अधीक्षक बैंकर वैभव रमनलाल और एनडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। प्रभावित परिवारों के लिए शिविर लगाए गए हैं, जहां भोजन, पानी और चिकित्सा की आवश्यक व्यवस्था की गई है।

अचानक हुए इस हादसे में ग्रामीण इलाकों का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। हादसे में बतसिया (61), चिंता सिंह (30), रंजती सिंह (28) और प्रिया (6) की मृत्यु हो गई। चार लोग गंभीर रूप से घायल हैं, जिन्हें जिला अस्पताल बलरामपुर में भर्ती कराया गया है। घायलों में रामवृक्ष सिंह (65), अनूप सिंह (19), कालीचरण टोप्पो (65) और फूलमनिया टोप्पो (61) शामिल हैं। इसके अलावा कार्तिक सिंह (6), वंदना सिंह (3) और जीतन सिंह (65) लापता हैं, जिनकी तलाश पुलिस और एनडीआरएफ द्वारा की जा रही है।

प्राकृतिक आपदा में तीन परिवारों की 55 बकरियां, 5 गाय, 4 बैल की मृत्यु हो गई, वहीं करीब 25 एकड़ धान की फसल और 1.5 एकड़ में लगी टमाटर व खीरा की फसल नष्ट हो गई। साथ ही तीन घरों में पानी भर गया है।
घटना की गंभीरता को देखते हुए सरगुजा संभागायुक्त नरेन्द्र कुमार दुग्गा, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और स्थिति का जायजा लिया। संभागायुक्त ने धनेशपुर पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि शासन-प्रशासन हर परिस्थिति में उनके साथ खड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को जल्द मुआवजा राशि प्रदान की जाएगी।
संभागायुक्त ने राहत शिविरों का निरीक्षण कर महिला और बच्चों की विशेष देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों से मुलाकात की और चिकित्सा सेवाओं की समीक्षा की। उन्होंने बताया कि शिविरों में स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार जांच कर रही हैं और ग्रामीणों की फसल व संपत्ति के नुकसान का आंकलन कर मुआवजे की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
