बलरामपुर,(संतोष कश्यप ब्यूरो) 29 जुलाई 2025 | वाड्रफनगर चौकी क्षेत्र अंतर्गत मनरेगा कर्मचारियों के ईपीएफ खातों से धोखाधड़ी कर लाखों रुपये गबन करने के मामले में जनपद पंचायत रामचंद्रपुर के लेखापाल वीरेंद्र कुमार यादव और डाटा एंट्री ऑपरेटर भगवान सिंह जगते को गिरफ्तार किया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, जनपद पंचायत वाड्रफनगर के सीईओ मोहम्मद निजामुद्दीन द्वारा दर्ज कराए गए लिखित आवेदन के आधार पर चौकी वाड्रफनगर में अपराध क्रमांक 144/25 धारा 316(4), 318(3), 3(5) BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच में सामने आया कि जून 2023 से जून 2025 के बीच आरोपी लेखापाल वीरेंद्र यादव और डाटा ऑपरेटर भगवान सिंह ने मनरेगा कर्मचारियों के ईपीएफ खातों से ₹11,26,254 की राशि धोखाधड़ी कर भगवान सिंह की पत्नी अंजू सिंह के भारतीय स्टेट बैंक और फिनो बैंक खातों में ट्रांसफर की। अंजू सिंह के खातों का संचालन स्वयं भगवान सिंह करता था।

ईपीएफ राशि ट्रांसफर के लिए ओटीपी वीरेंद्र यादव के मोबाइल पर आता था, जिसे वह भगवान सिंह को साझा करता और फिर उक्त राशि उसकी पत्नी के खातों में स्थानांतरित कर दी जाती।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वाड्रफनगर पुलिस द्वारा तत्काल टीम गठित कर आरोपियों की तलाश शुरू की गई। आरोपी वीरेंद्र यादव को रामानुजगंज से जबकि भगवान सिंह को छत्तीसगढ़-उत्तर प्रदेश सीमा फुली डूमर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में दोनों ने अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उनके पास से घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, पासबुक समेत अन्य दस्तावेज जब्त किए।
दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर 29 जुलाई को न्यायालय वाड्रफनगर में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।
संपूर्ण कार्रवाई में चौकी प्रभारी उप निरीक्षक धीरेंद्र तिवारी, एएसआई पुष्पराज सिंह, साइबर आरक्षक आकाश तिवारी, आरक्षक देव कुमार, रामगोपाल राम और बालेश एक्का की प्रमुख भूमिका रही।